जहां कभी दीवारों पर लाल रंग से लिखे नारे दिखते थे, अब वहां मोबाइल सिग्नल की बूँदें उम्मीद की बरसात बन रही हैं
सुकमा (डेस्क) – जिले के सुदूर और नक्सल प्रभावित गांव गोलाकोंडा, जहां कभी बंदूक की गूंज, खौफ और अलगाव की सिसकियाँ सुनाई देती थीं, आज विकास की ओर एक ठोस…