कांकेर- छत्तीसगढ़ के बस्तर से हथियारबंद माओवादियों को समाप्त करने के लिए 31 मार्च 2026 की डेडलाइन केंद्रीय गृह मंत्री ने जारी की थी. जिस पर बड़ा काम हुआ. सैकड़ो माओवादी जंगल से निकलकर सरकार और पुलिस के सामने हथियार डाले. वहीं वर्तमान में कई माओवादी हथियार लेकर जंगल मे घूम रहे हैं. जो धीरे धीरे वापस लौट रहे हैं. सोमवार को Ak -47 के साथ कांकेर पुलिस के समक्ष माओवादी ने पुनर्वास किया है.
बस्तर आईजी सुन्दरराज पट्टलिंगम ने बताया कि विगत दिनों में मुख्यधारा में शामिल होने के लिए आगे आए सभी माओवादी कैडरों के निर्णय का स्वागत करते हुए एक बार फिर शेष बचे कुछ माओवादी कैडरों से हिंसा त्यागकर मुख्यधारा में शामिल होने की अपील दोहराई जा रही है. इसी तारतम्य में पुनर्वास हेतु 20 अप्रैल को एक माओवादी ने हिंसा का रास्ता छोड़ा है. पुनर्वासित माओवादी दारसु शोरी, PPCM जिसके ऊपर सरकार ने 8 लाख इनाम घोषित कर रखा था. पुनर्वास हेतु आगे आए माओवादी कैडर दारसु शोरी द्वारा एक AK 47 के साथ आत्मसमर्पण किया गया है. उत्तर बस्तर डिवीजन कमेटी PLGA कंपनी क्रमांक 05, PPCM दारसु शोरी से प्राप्त जानकारी के आधार पर इलाके में सक्रिय अन्य माओवादी कैडरों से संपर्क स्थापित कर उन्हें भी मुख्यधारा में शामिल कराने के प्रयास जारी हैं.
बस्तर आईजी ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो हिंसा का मार्ग छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होना चाहते हैं. उनके लिए पुनर्वास का द्वार खुला है. लेकिन जो हिंसा का रास्ता चुनेंगे उन्हें उचित और कड़ा जवाब दिया जाएगा.