जगदलपुर. संभाग के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान, शहीद महेन्द्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय, डिमरापाल, में डॉक्टरों ने एक बार फिर चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है. अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स विभाग की टीम ने रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी गंभीर और जटिल बीमारी से जूझ रही एक 44 वर्षीय महिला मरीज का सफलतापूर्वक लेफ्ट टोटल नी रिप्लेसमेंट किया है.
अधीक्षक डॉक्टर अनुरूप साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि मरीज लंबे समय से रूमेटॉइड आर्थराइटिस के कारण बाएं घुटने के तीव्र दर्द, जकड़न और चलने-फिरने में हो रही भारी अक्षमता से परेशान थीं. विस्तृत चिकित्सीय परीक्षण और एक्स-रे के बाद जब पाया गया कि घुटने का जोड़ पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है, तब विशेषज्ञों ने नी रिप्लेसमेंट सर्जरी का निर्णय लिया.
डॉ. साहू के अनुसार, रूमेटॉइड आर्थराइटिस एक ऑटोइम्यून बीमारी है, जिसमें हड्डियां कमजोर होने के साथ जोड़ विकृत हो जाते हैं, जिससे सर्जरी के दौरान विशेष सावधानी और बेहतर सर्जिकल प्लानिंग की आवश्यकता होती है. ऑर्थोपेडिक्स विभाग के डॉ. सुनीत पॉल, डॉ. मुकेश ध्रुव, डॉ. संदीप सिंह, डॉ. प्रवेश मिश्रा व डॉ. आदित्य कौशिक की टीम ने एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. सुष्मिता नायक, डॉ. रविशंकर, डॉ. गुलाब काशी, डॉ. चित्रकांत काशी की मदद से बीते 22 जुलाई को इस चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलता से अंजाम दिया. ऑपरेशन के बाद डॉ. भारतेन्दु कमल, डॉ. जन्मेजय, डॉ. मुकेश साहू और डॉ. कुलदीप भारद्वाज की फिजियोथेरेपी टीम की देखरेख में मरीज का पुनर्वास शुरू कराया गया. अब महिला के घुटने के दर्द में उल्लेखनीय सुधार है और वे बिना किसी परेशानी के चलने-फिरने में सक्षम हो चुकी हैं.