झीरम पीड़ितों के साथ राहुल गाँधी की दिल्ली में हुई बैठक, न्याय के लिए कांग्रेस जल्द उतरेगी सड़क पर: पीसीसी अध्यक्ष

बस्तर- 25 में 2013 को देश के सबसे बड़े राजनीतिक झीरम घाटी हमले में आए NIA के फैसले को लेकर कांग्रेस पार्टी संतुष्ट नहीं है. 26 सितम्बर को दिल्ली में झीरम पीड़ित परिवारों व कांग्रेसी नेताओं के साथ राहुल गांधी की चर्चा हुई. और चर्चा में न्याय के लिए आगे चरणबद्ध तरीके से लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया गया. जल्द ही कांग्रेस पार्टी राजनीतिक तरीके से लड़ाई लड़ने के लिए छत्तीसगढ़ के सड़कों पर उतरेगी. यह बयान कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने दिया है.

पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज का कहना है कि झीरम मामले को कांग्रेस पार्टी काफी गंभीरता से ले रही है. क्योंकि NIA कोर्ट के फैसले से कांग्रेस पार्टी संतुष्ट नहीं है. झीरम मामले में जिन 10 आरोपियों को दोषी मानकर सजा सुनाई गई है. वह एक छोटे कैडर के माओवादी हैं. जिन्हें संगम सदस्य या अन्य संगठन में सदस्य के रूप में देखा जाता है. जो संगठन के लिए छोटे-छोटे कामों को किया करते थे. NIA के फैसले से कांग्रेस और पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला है.

NIA खुद मानती है कि झीरम हत्याकांड में 200 से अधिक माओवादी मौजूद रहे. वहीं कांग्रेस पार्टी यह मानती है कि झीरम हत्याकांड में 500 से अधिक माओवादी शामिल रहे. बड़े कैडर के माओवादी और मास्टरमाइंड को नहीं पकड़ा गया है. जबकि सरेंडर करने के बाद वह सरकार की गोद में बैठे हुए हैं. और एनआईए कोर्ट उन्हें फरार बता रही है. कहीं ना कहीं सरकार उन माओवादियों को छुपाना और बचाना चाह रही है.

झीरम के न्याय के लिए बीते दिनों 19 सितम्बर को रायपुर के कांग्रेस भवन में झीरम शहीद परिवार, पीड़ित परिवार और घायल परिवार की एक बैठक आयोजित की गई. जिसमें न्याय के लिए आगे लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया गया. इसके बाद 26 सितंबर को दिल्ली में राहुल गांधी के साथ चर्चा किया गया. इस चर्चा में कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता और सभी पीड़ित परिवार मौजूद रहे. चर्चा में गंभीरता से बातों को रखा गया और राहुल गांधी ने गंभीरता से सभी बातों को सुना है. न्याय को लेकर विधिक और न्यायिक लड़ाई लड़ी जा रही है. और आगामी दिनों में राजनीतिक लड़ाई भी झीरम मामले की न्याय के लिए लड़ी जाएगी. दिल्ली से मार्गदर्शन आने के बाद चरणबद्ध तरीके से कांग्रेस पार्टी जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक लड़ाई लड़ते रहेगी.

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