सुनील कश्यप, सुकमा- सुकमा जिले के जगरगुंडा इलाके में माओवादियों द्वारा जल जीवन मिशन का काम कर रहे तीन मजदूर और ठेकेदार को अपहरण करने के बाद सकुशल छोड़ दिया है. नक्सलियों के कब्ज़े से छूटकर वे अपने-अपने घर वापस लौट गए हैं. रिहा होने की जानकारी आज सुबह ही अपरहित लोगों में से एक ने अपने घर पर फोन करके अपने माता-पिता से बात करते हुए अपनी सलामती की सूचना दी थी. और उनसे कहा है कि हम नक्सलियों के कब्ज़े से छूटकर वापस लौट रहे हैं. मजदूर और ठेकेदार की सकुशल रिहाई के बाद उनके परिजनों में ख़ुशी की लहर है. वे सुबह से ही बड़े ही बेसब्री से मजदूरों और ठेकेदार का इंतजार अपने अपने घरों में कर रहे थे. जैसे ही अपरहित अपने घर मे पहुंचे. उनके अंदर ख़ुशी की लहर दौड़ी. हालांकि माओवादियों ने जेसीबी मशीन को नहीं छोड़ा है.
गौरतलब है कि 11 फरवरी की शाम नल जल मिशन योजना के अंतर्गत चल रहे निर्माण कार्य में हथियार बंद नक्सली पहुंचे. और उन्होंने निर्माण कार्य मे लगे ठेकेदार, जेसीबी ऑपरेटर और 2 मजदुरों का अपहरण कर लिया. इसके अलावा निर्माण कार्य मे लगे जेसीबी वाहन को भी अपने साथ ले गए थे. जिसके बाद अपरहित लोगों के परिजनों ने माओवाद संगठन से उन्हें सहीं सलामत रिहा करने की अपील की थी. और पुलिस को इसकी जानकारी लगने के बाद जवानों को भी क्षेत्र में सर्चिंग के लिए रवाना किया गया था. यह गांव जगरगुंडा थानाक्षेत्र के सिंगराम है. आसपास जोन्नागुड़ा और टेकलगुडेम भी है. यह इलाका घोर नक्सली प्रभावित क्षेत्र है. बीजापुर और सुकमा का सरहदी इलाका है. टेकलगुडेम को नक्सलियों का कोर इलाका कहा जाता है. जहां 2 बड़ी नक्सल घटनाएं घट चुकी है. साल 2021 के घटना में 23 जवानों की मौत हुई थी. वहीं बीते दिनों 30 जनवरी को हुए घटना में 3 जवान शहीद व 15 जवान घायल हुए थे. कोर इलाका होने के कारण इस क्षेत्र में नक्सली घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं.