जगदलपुर (सुनील कश्यप) – बस्तर जिले के ऐतिहासिक चंदैया मेमोरियल मेथोडिस्ट एपिस्कोपल चर्च, जिसे स्थानीय लोग लाल चर्च के नाम से भी जानते हैं, में वार्षिक शांति महोत्सव का भव्य आयोजन शुरू हो चुका है. हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी यह महोत्सव क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह का संचार कर रहा है.

​9 अक्टूबर की शाम ज्योति जलाकर विशेष प्रार्थना के साथ इस महोत्सव की शुरुआत हुई. यह चार दिवसीय आयोजन प्रभु यीशु मसीह के सुसमाचार को लोगों तक पहुंचाने और समुदाय में प्रेम व एकता को बढ़ाने के उद्देश्य से किया जा रहा है.

तीन दिन विशाल सभा, मुख्य वक्ता प्रेरित विल्सन फर्नांडिस

​महोत्सव के दौरान, 9, 10 और 11 अक्टूबर को हर शाम लाल चर्च परिसर के हैरल्ड चेपल मैदान में एक विशाल सुसमाचार सभा का आयोजन हो रहा है. इसके बाद 12 अक्टूबर को चर्च के भीतर विशेष आराधना की जाएगी. इस वर्ष, मुंबई से आए प्रेरित विल्सन फर्नाडिस मुख्य वक्ता के रूप में प्रभु के वचन का प्रचार करेंगे.
​महोत्सव का मुख्य विषय लुका रचित सुसमाचार 10 अध्याय के 2 पद पर केंद्रित है, जिसमें यीशु ने कहा: “पके खेत बहुत हैं परंतु मजदूर थोड़े हैं, इसीलिए खेत के स्वामी से विनती करो कि वह अपने खेत काटने को मजदूर भेज दें.”

उत्साह और एकता का माहौल

​चर्च के सदस्य और आराधक भावेश जॉन ने बताया कि यह आयोजन हर साल उत्साहपूर्ण रहता है. कलीसिया के बुजुर्ग, युवा और बच्चे सभी अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभाते हुए इस आयोजन को सफल बनाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. यह आयोजन प्रभु के कार्यों को करने और लोगों को आशीषित करने का एक बड़ा माध्यम है.

​बस्तर जिले के शहरी और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में प्रभु के लोग इस शांति महोत्सव में शामिल होने के लिए पहुँच रहे हैं. यहां सभी मिलकर प्रभु की आराधना, स्तुति और महिमा कर रहे हैं और नई ऊर्जा तथा आशीषें लेकर वापस लौट रहे हैं.

​यह शांति महोत्सव न केवल चर्च समुदाय के लिए, बल्कि पूरे जगदलपुर शहर के लिए शांति, विश्वास और सकारात्मकता का संदेश लेकर आया है.

इस महोत्सव में विशेष प्रार्थना के विषय :

● ​सुसमाचार सारे जगत में पहुंचे, ​महोत्सव में पवित्र आत्मा की उपस्थिति हो

● ​वक्ता सामर्थी प्रचार करें, ​आत्माएं बचाई जायें एवं प्रभु का राज्य बढ़ें

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