जगदलपुर (डेस्क) – छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के घने और दुर्गम नेशनल पार्क क्षेत्र में सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच हुए एक बड़े मुठभेड़ अभियान में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. PLGA बटालियन नंबर 1 की कंपनी नंबर 2 का डिप्टी कमांडर और आठ लाख रुपये का इनामी कुख्यात माओवादी कैडर सोढ़ी कन्ना इस मुठभेड़ में मारा गया.

मुठभेड़ के पश्चात क्षेत्र की सघन तलाशी में मारे गए माओवादी का शव बरामद किया गया, जो पूर्ण वर्दी में था और उसके पास से एक .303 रायफल, भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री, एके-47 के मैगजीन और जिंदा कारतूस समेत कई नक्सली सामग्री बरामद की गई.

सटीक सूचना पर शुरू हुआ अभियान

बीजापुर के पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र यादव ने जानकारी दी कि जिला बीजापुर के नेशनल पार्क क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों की विश्वसनीय सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों द्वारा संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया गया. इस ऑपरेशन में डीआरजी बीजापुर, डीआरजी दंतेवाड़ा, एसटीएफ, कोबरा 202, कोबरा 210 और सीआरपीएफ यंग प्लाटून की संयुक्त टीम ने भाग लिया.

सूचना के अनुसार, तेलंगाना राज्य समिति, नेशनल पार्क एरिया कमेटी और PLGA बटालियन नंबर 1 के माओवादी कैडर उक्त क्षेत्र में सक्रिय थे. सुरक्षा बलों ने सूचना की पुष्टि के बाद 4 जुलाई 2025 को ऑपरेशन प्रारंभ किया. इस दौरान रुक-रुक कर मुठभेड़ होती रही और आखिरकार माओवादी डिप्टी कमांडर सोढ़ी कन्ना ढेर हो गया.

सोढ़ी कन्ना – PLGA बटालियन का स्नाइपर

मारे गए माओवादी की पहचान सोढ़ी कन्ना के रूप में हुई है, जो PLGA बटालियन नंबर 1 की कंपनी नंबर 2 का डिप्टी कमांडर था. उस पर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ₹8 लाख का इनाम घोषित था.

सोढ़ी कन्ना को सीसीएम माड़वी हिडमा का करीबी सहयोगी माना जाता था और वह बटालियन में स्नाइपर के रूप में कार्य करता था. वह टेकलगुड़ियम क्षेत्र में नक्सली गतिविधियों, धरमारम कैंप हमले सहित कई बड़ी वारदातों में शामिल रहा है. सुरक्षा बलों के अनुसार, उसके मारे जाने से माओवादी संगठन को स्नाइपर क्षमताओं के लिहाज से भारी नुकसान पहुंचा है.

मुठभेड़ स्थल से बरामद सामाग्री :

एक नग .303 रायफल व 05 नग जीवित राउंड,एके-47 का मैग्जीन और 59 नग जीवित राउंड,माओवादी वर्दी – 01 जोड़ी,कोडेक्स वायर, डेटोनेटर, सेफ्टी फ्यूज, नक्सली साहित्य,पिट्ठू बैग, रेडियो और दैनिक उपयोग की सामग्री.

IG बस्तर रेंज के बयान

बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी. ने मुठभेड़ पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “वर्ष 2024 में सुरक्षा बलों को जो निर्णायक सफलताएं प्राप्त हुई थीं, उन्हें आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2025 में भी बस्तर संभाग में CPI (माओवादी) के विरुद्ध रणनीतिक और निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं. पिछले 18 महीनों (2024–25) में अब तक 415 हार्डकोर माओवादियों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जो सुरक्षा बलों की कुशल रणनीति और साहस का प्रमाण है.” उन्होंने आगे कहा कि “भीषण वर्षा, फिसलन भरे जंगल-पहाड़ी रास्तों और मौसम की कठिनाइयों के बावजूद DRG, STF, CoBRA, CRPF, BSF, ITBP, CAF और बस्तर फाइटर्स जैसे सभी बल अपने समर्पण और मनोबल के साथ मिशन को सफलता की ओर बढ़ा रहे हैं.”

 

लगातार कमजोर हो रहा है माओवादी नेटवर्क

यह मुठभेड़ न केवल एक बड़ी रणनीतिक सफलता है, बल्कि इससे यह भी स्पष्ट होता है कि बस्तर में माओवादी नेटवर्क लगातार कमजोर हो रहा है. स्नाइपर जैसे प्रशिक्षित माओवादी कैडर की कमी संगठन के लिए गंभीर चुनौती है.

सुरक्षा बलों का कहना है कि वे आने वाले समय में भी इसी तरह की सघन कार्रवाई जारी रखेंगे ताकि क्षेत्र को पूरी तरह माओवाद मुक्त बनाया जा सके. स्थानीय लोगों का सहयोग और सूचना तंत्र की सटीकता, इस लड़ाई में निर्णायक भूमिका निभा रही है.

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