जगदलपुर (डेस्क) – समाज सेवा के नाम पर चलने वाले NGOs को ‘सीएसआर फंड’ दिलाने के सुनहरे झांसे में फंसाकर लाखों की ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. बस्तर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए, इस बड़े साइबर षड्यंत्र के एक मुख्य आरोपी को कवर्धा से गिरफ्तार कर लिया है.
सावधान ! ऐसे हुई चौंकाने वाली वारदात
बोधघाट थाना में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, ‘मां शारदा लोक कला मंच’ नामक NGO चलाने वाले प्रार्थी मिनेश पाणिग्रही को आरोपी सूर्यकांत सोनी ने अपने जाल में फंसाया. सोनी ने अपने साथी दिब्येंदु सरकार के साथ मिलकर एक खतरनाक प्लान बनाया. ठगों ने प्रार्थी को झांसा दिया कि वे उन्हें सामाजिक कार्यों के लिए कॉर्पोरेट फंड (CSR) दिलवा देंगे. सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि फंड दिलाने के बहाने, उन्होंने बड़ी चालाकी से NGO संचालक का बैंक अकाउंट से जुड़ा हुआ मोबाइल सिम कार्ड, पैन कार्ड, आधार कार्ड, और बैंक डिटेल्स हथिया लिए.
पुलिस जांच में पता चला है कि इस सिम कार्ड को तुरंत वेस्ट बंगाल में बैठे एक अन्य आरोपी को भेज दिया गया, जिसने सिम को एक्टिवेट कर पलक झपकते ही प्रार्थी के खाते से ₹7,25,000/- (सात लाख पच्चीस हजार रुपये) को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करके उड़ा दिया.
‘सिम स्वीप’ के जरिये हुई थी बड़ी ठगी
यह मामला दिखाता है कि ठगों ने सिर्फ बातों से नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बैंक खाते का पूरा एक्सेस ले लिया था. पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देश पर बनी विशेष टीम ने तत्काल जांच शुरू की और आरोपी सूर्यकांत सोनी (46 वर्ष, निवासी कवर्धा) को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया.
आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल हुआ वीवो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है. आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है, जबकि पुलिस इस ठगी के वेस्ट बंगाल कनेक्शन और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है.