बस्तर- छत्तीसगढ़ में नवंबर महीने से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जानी है. धान खरीदी से पहले बस्तर के किसान एकजुट होकर नए खरीदी केंद्र खोलने की मांग करने के लिए जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे. कलेक्टर के समक्ष मांग रखी कि खरीदी केंद्र नजदीक नहीं होने से काफी किसान धान बेचने से वंचित हो जाते हैं. और अपनी जमीन गिरवी रखकर ऋण चुकाते हैं.
तोयर ग्राम सरपंच विसमनी कवासी ने बताया कि बीते दिनों ग्राम सभा में यह निर्णय लिया गया कि तोयर में एक नवीन धान खरीदी केंद्र की आवश्यकता है. जिससे आसपास के करीब 6 गावों के हजारों किसान समय पर और अपना पूरा फसल बेच सकें. दूरी होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. कई किसान अपने फसल को नहीं बेच पाते हैं. दूरी होने से गाड़ी के किराया देते हैं दूर होने से रात भी बितानी पड़ती है. जमीन के रकबे के अनुसार किसान फसल नहीं बेच पाते हैं.
किसान यूनियन के रमेश गोयल का कहना है कि केसीसी के रूप में किसान कर्ज लेते हैं. और धान खरीदी केंद्र में नहीं बेच पाने से बाहर कम दामों बिचौलियों को मंडी में बेचते हैं. जिसके बाद बैंक से लिये गए ऋण को चुकाया जाता है. यह समस्या दूर हो इस लिए आज नया खरीदी केंद्र खोलने की मांग करने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे हुए हैं. कार्यालय में भी अधिकारी केवल आश्वासन ही देते हैं. लेकिन जब तक सड़क पर उतरकर आंदोलन नहीं करने से मांग पूरी नहीं होती है. इसीलिए यदि मांगे पूरी नहीं होती है तो एक बार और कलेक्टर से चर्चा करके लोहंडीगुड़ा में चक्काजाम किया जाएगा.