बस्तर- छत्तीसगढ़ के बस्तर में खनन, जंगलों की कटाई, आदिवासियों के जल-जंगल-जमीन के अधिकार और प्रस्तावित बोधघाट परियोजना को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो रही है. इन मुद्दों के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नवंबर 2026 में बस्तर दौरे पर आने की चर्चा है. हालांकि, उनके दौरे की निश्चित तारीख तय नहीं हुई है. राहुल गांधी के आने की जानकारी छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने दी है.
नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने बताया कि बस्तर में लंबे समय से खनन परियोजनाओं, वन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई और विकास कार्यों के कारण आदिवासी समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं. स्थानीय लोगों को चिंता है कि विकास परियोजनाओं के चलते कहीं उनकी जमीन, जंगल, आजीविका और पारंपरिक संस्कृति प्रभावित न हो.
बोधघाट परियोजना पर भी उठ रहे सवाल
इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बोधघाट बहुउद्देशीय परियोजना बस्तर के सबसे महत्वपूर्ण और विवादित मुद्दों में शामिल है. परियोजना को लेकर संभावित विस्थापन, वन भूमि के डूब क्षेत्र में आने और स्थानीय आदिवासी समुदायों पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चिंताएं जताई जाती रही हैं.
नवंबर में बस्तर आ सकते हैं राहुल गांधी
इन मुद्दों के बीच राहुल गांधी के नवंबर में बस्तर आने की चर्चा है. संभावित दौरे को लेकर राजनीतिक हलकों में नजरें टिकी हुई हैं. यदि दौरा होता है तो बस्तर में खनन, पेड़ों की कटाई, आदिवासी अधिकारों और बोधघाट परियोजना जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रह सकते हैं. बस्तर में विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का सवाल लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है. स्थानीय समुदायों की मांग है कि किसी भी बड़ी परियोजना को आगे बढ़ाने से पहले प्रभावित लोगों की सहमति, उचित पुनर्वास, पर्यावरणीय प्रभाव और उनके संवैधानिक अधिकारों को प्राथमिकता दी जाए.
अब सबकी नजर इस बात पर है कि नवंबर में राहुल गांधी का बस्तर दौरा होता है या नहीं और यदि होता है तो खनन, जंगलों की कटाई व बोधघाट परियोजना जैसे मुद्दों पर क्या रुख सामने आता है.