जगदलपुर- बस्तर फाइल्स के खबर का बड़ा असर हुआ है. जिले के कचनार लैम्प्स में किसानों के साथ कथित गड़बड़ी और खाद वितरण में अनियमितता का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. किसानों के खातों में खाद के नाम पर कर्ज दर्ज होने, फर्जी हस्ताक्षर के जरिए सरकारी खाद की निकासी और खाद उपलब्ध नहीं होने जैसी गंभीर शिकायतों के बीच अब समिति प्रबंधन में बड़ा बदलाव किया गया है. जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर ने आदेश जारी करते हुए कचनार लैम्प्स की प्रबंधक बी. ललिता राव को हटाकर उनके स्थान पर लवण सिंह कश्यप को पदस्थ किया है.
बैंक द्वारा 3 नवंबर 2026 को जारी आदेश के मुताबिक समिति प्रबंधक लवण सिंह कश्यप जो वर्तमान में नरहरपुर समिति के प्रबंधक एवं बिरनपुर समिति के अतिरिक्त प्रभार में थे. उनका स्थानांतरण कर कचनार समिति शाखा बस्तर में पदस्थ किया गया है. आदेश में उन्हें तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना स्थल पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं. वहीं संबंधित शाखा प्रबंधक को समितियों में वैकल्पिक प्रबंधकीय व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है.
दरअसल कचनार लैम्प्स में पिछले कुछ समय से किसानों द्वारा गंभीर आरोप लगाए जा रहे थे. किसानों का कहना है कि खाद और कृषि सामग्री लेने के लिए लैम्प्स पहुंचने पर उन्हें स्टॉक नहीं होने की बात कहकर वापस लौटा दिया जाता था. लेकिन दूसरी ओर उनके नाम पर खाद की निकासी और बैंक खातों में कर्ज दर्ज होने की शिकायतें सामने आई. किसान श्यामलाल कश्यप के खाते में 11,359 रुपये का कर्ज दर्ज होने का मामला भी सामने आया था. वहीं किसान ने आरोप लगाया था कि उनके फर्जी हस्ताक्षर का इस्तेमाल कर खाद की निकासी की गई है. इस मामले को लेकर किसानों और जनप्रतिनिधियों ने भी नाराजगी जाहिर की थी. उपसरपंच जयसिंह नाग ने लैम्प्स प्रबंधन पर किसानों को परेशान करने और समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराने के आरोप लगाए थे. किसानों ने इस पूरे मामले की शिकायत भी की थी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी.
फिलहाल प्रबंधक बदलने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जरूर जगी है. लेकिन असली सवाल यह है कि कचनार लैम्प्स में उठे गड़बड़ी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर किसानों को न्याय कब मिलेगा.