जगदलपुर- छत्तीसगढ़ के बस्तर में दशकों तक आतंक और दहशत का पर्याय रहे माओवादियों के खिलाफ लड़ाई में सुरक्षाबलों के साहस के साथ आधुनिक हथियारों ने भी अहम भूमिका निभाई है. इसी लड़ाई में इस्तेमाल किए गए हथियारों का पुलिस विभाग ने प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शनी में मोर्टार, MMG, LMG, AK-47, X-90, पिस्टल और UBGL जैसे कई हथियार शामिल रहे. जिनके जरिए सुरक्षाबलों ने नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को मजबूती दी. कभी जिन हथियारों की गूंज बस्तर के जंगलों में सुनाई देती थी. आज वही हथियार नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई की कहानी बयां कर रहे हैं.

प्रधान आरक्षक टी हेमन्त कुमार ने बताया कि 81MM मोर्टार हथियार का रेंज 5 किलोमीटर है. 5 किलोमीटर दूर मौजूद दुश्मनों को यह मार गिरा सकता है. इस हथियार को चलाने के लिए 3 व्यक्तियों की आवश्यकता होती है. इसमें 1 हथियार के बैरल हो संभालेगा, दूसरा सेल को कैरी करके हथियार में डालने का कार्य करेगा वहीं तीसरा व्यक्ति लीवर को दबाने का काम करता है. जमीन में गिरने के बाद 80 से 100 मीटर के बीच मौजूद व्यक्तियों को यह हथियार नुकसान पहुंचाता है.

7.62 MM स्नाइपर में एक ही गोली एक समय मे चलाई जाती है. इस हथियार में दुश्मनों को देखने के किये स्कोप लगाया गया है. जहां से देखककर करीब 1 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद दुश्मनों को निशाना बना सकते हैं. 5.56 इंसास LMG ( लाइव मशीन गन) इस हथियार में मैगजीन लोड करके एक साथ 30 राउंड फायरिंग किया जा सकता है. इस हथियार को जंगल मे माओवादी और सुरक्षाबल के जवान दोनों ही लेकर बीते दिनों चल रही लड़ाई के दौरान चलते थे.

MMG हथियार को अधिकतर फिल्मों में देखा गया है. फ़िल्म KGF में इसका अधिक इस्तेमाल दिखाया गया है. साथ ही इसे सैन्य बल आज भी जरूरत के अनुसार भारतदेश की सुरक्षा में इस्तेमाल करते हैं. इस हथियार की यह खासियत है कि इसके बुलेट्स एक छोटी पेटी में एक साथ चैन में होते हैं. और जब दुश्मनों के ऊपर हमला करना हो तो उसे हथियार में लोड करके एक ही बार मे 237 राउंड फायरिंग करने की क्षमता होती है. 7.62 MM LMG हथियार में बुलेट्स इंसास LMG के मुकाबले बड़े होते हैं. इस हथियार में भी एक साथ 30 राउंड फायर करने की क्षमता होती है.

X95 हथियार को अधिकतर SPG, NSG व CRPF के जवान VVIP सुरक्षा के लिए इस्तेमाल करते हैं. प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री व अन्य बड़े नेताओ की सुरक्षा में तैनात जवान इसे लेकर चलते हैं. प्रधान आरक्षक काशीराम नागेश बताते हैं कि इस हथियार में लेजर लगा हुआ है. जिसकी सहायता से रात के अंधेरे में भी दुश्मनों को देखा जा सकता है. और उस पर हमला किया जाता है. इस हथियार की क्षमता 400 से 500 मीटर होती है.
इसके साथ ही AK-47 हथियार, इंडिया मैड एक्स कैलिबर रायफल, इंसास रायफल, एसएलआर रायफल, दंगो को रोकने के लिए इस्तेमाल किये जाने वाला टियर गैस रायफल, पंप के साथ मौजूद 12 बोर रायफल, 12 बोर सामान्य, 303 रायफल, VLP पिस्टल जिससे सिग्नल दिया जाता है.
MP-9 पिस्टल में 9mm की गोली लगती है. जो ऑटोमेटिक वर्जन है. इसमें 30 राउंड का एक मैगजीन आता है. और 13 राउंड का दूसरा मैगजीन आता है. वहीं 9MM का क्लॉक पिस्टल मौजूद है. जिसमें 17 राउंड का मैगजीन लोड रहता है. 9MM सेमी ऑटोमेटिक पिस्टल है. जो इंडिया में बनता है. यह दूसरे हथियार की तुलना में भारी है. क्योंकि यह मैटल से बना हुआ है.
इसके अलावा प्रदर्शनी में 2 UBGL( अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) को भी प्रदर्शित किया गया है. जिसमें छोटे आकार के UBGL को AK- 47 के नीचे लगाया जाता है. वहीं बड़े आकार के UBGL को इंसास रायफल में लगाया जाता है.