जगदलपुर- छत्तीसगढ़ में बस्तर फाइटर्स आरक्षक भर्ती को लेकर अब बस्तर संभाग के युवाओं ने अपनी मांग तेज कर दी है. भर्ती प्रक्रिया में संभाग के सातों जिलों के युवाओं को समान अवसर देने और बस्तर जिले में प्रस्तावित पदों की संख्या बढ़ाने की मांग उठने लगी है. इस संबंध में संयुक्त बस्तर फाइटर्स अभ्यर्थी संघ एवं समस्त बस्तर जिले के बेरोजगार युवाओं ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है.
दरअसल बस्तर फाइटर्स आरक्षक भर्ती के अंतर्गत शासन द्वारा कुल 1588 पदों पर भर्ती की सहमति दी गई है. लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज के 26 सितंबर 2026 के पत्र के अनुसार बस्तर जिले में 199 पद रिक्त होने के बावजूद केवल 79 पदों पर ही भर्ती प्रस्तावित की गई है. वहीं कुछ अन्य जिलों में 75 प्रतिशत रिक्त पदों के आधार पर भर्ती की सहमति दिए जाने की बात सामने आई है. इसी को लेकर अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में असमानता का आरोप लगाते हुए सवाल खड़े किए हैं.

अभ्यर्थियों का कहना है कि बस्तर संभाग के सभी सात जिले आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं. ऐसे में यहां के युवाओं को भर्ती में समानता और न्यायसंगत आधार पर अवसर मिलना चाहिए. उनका उद्देश्य किसी जिले के युवाओं का अवसर कम करना नहीं, बल्कि संभाग के सभी जिलों के बेरोजगार युवाओं के साथ समान न्याय सुनिश्चित करना है. ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख रूप से चार मांगें रखी गई हैं. इनमें बस्तर संभाग के सभी सात जिलों में भर्ती के लिए समान मापदंड निर्धारित करने, बस्तर जिले के लिए प्रस्तावित 79 पदों की संख्या बढ़ाने, सभी जिलों के स्थानीय एवं योग्य आदिवासी युवाओं को पर्याप्त अवसर देने व पूरे मामले को शासन और पुलिस मुख्यालय के समक्ष रखकर उचित कार्रवाई करने की मांग शामिल है.
अब देखना होगा कि अभ्यर्थियों की इस मांग पर शासन और पुलिस मुख्यालय क्या निर्णय लेते हैं. फिलहाल बस्तर फाइटर्स भर्ती में समान अवसर और पदों की संख्या बढ़ाने का मुद्दा स्थानीय बेरोजगार युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन गया है.