जगदलपुर- बस्तर में भी अपने 9 सूत्रीय मांगों को लेकर राशन विक्रेता संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल मे चले गए है. और जिले के 485 पीडीएस दुकानो में ताला जड़ दुकानों को बंद कर दिया है. ऐसे में जिले के 2 लाख से ज्यादा राशन हितग्राहियों को अब त्यौहार में राशन मिलना मुश्किल हो गया है. राशन विक्रेता संघ ने आज जगदलपुर में प्रेस वार्ता कर बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षण करते आ रहे है. लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान शासन ने दूर नहीं किया है. और केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित कमीशन के अनुरूप राज्य सरकार भी कमीशन नहीं दे रही है. जिससे उनको आर्थिक बोझ का सामना करना पड़ा रहा है.
जिला अध्यक्ष हेजेम्बर सेठिया का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से निर्धारित कमीशन का भुगतान भी कई महीनों तक नहीं किया गया है. जिसके कारण उनके सामने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है. ऐसे मे अब उनके सामने हड़ताल मे जाना मजबूरी बन गया है. उन्होंने शासन प्रशासन को चेतावनी भी दी है. और कहा है कि जब तक उनकी 9 सूत्रीय मांगों को पूरा नहीं किया जाता है. तब तक उनका अनिश्चित कालीन हड़ताल जारी रहेगा. इधर राशन दुकानों में ताला लगने से जिले के लाखों राशनकार्डधारियों को राशन मिलना बंद हो गया है. बस्तर जिले में कुल 485 पीडीएस दुकानें संचालित हैं. 2 लाख 10 हजार राशनकार्डधारी हैं. जिनमें करीब 8 लाख प्रभावित लोग है. जिन्हें 1 नवंबर से राशन मिलना बंद हो गया है.
प्रमुख मांगें-
1- वित्तीय पोषण राशि का 42 माह का बकाया भुगतान तत्काल किया जाए।
2- मार्जिन मनी, कमीशन राशि एवं बारदाना राशि में किस नियम और आदेश के तहत TDS काटा जा रहा है? उसकी आदेशित कॉपी दी जाए।
3- पोर्टल में स्टॉक का ऑटो कट होना बंद किया जाए एवं वास्तविक स्टॉक के अनुसार सुधार किया जाए।
4- माह की 1 तारीख को आवंटन मात्रा समय पर इश्यू किया जाए।
5- पोर्टल पर दिसंबर 2023 का क्लोजिंग बैलेंस अलग और जनवरी 2024 का ओपनिंग बैलेंस सभी राशन सामग्री में अलग-अलग क्यों है? इसका Audit Trail Login ID दिया जाए।
6- आवंटन से कम भंडारण क्यों कराया जाता है? कारण बताया जाए।