बीजापुर. चर्चित पत्रकार मुकेश चंद्राकर हत्या प्रकरण में गवाहों को प्रभावित करने और उनके बयान बदलवाने के प्रयास का एक गंभीर मामला सामने आया है. इस संबंध में पत्रकार चेतन कापेवार और पवन दुर्गम ने पुलिस अधीक्षक बीजापुर को एक लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मामले के प्रमुख गवाहों को भारी धनराशि और अन्य प्रकार के प्रलोभन देकर मुख्य आरोपी के पक्ष में बयान देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है. आवेदन के अनुसार, बीजापुर निवासी एक व्यक्ति ने पत्रकार चेतन कोपवार से मोबाइल फोन के माध्यम से संपर्क किया और मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर के पक्ष में बयान देने के एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत देने का प्रलोभन दिया. शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस बातचीत के दौरान पत्रकार पवन दुर्गम का नाम भी लिया गया और यह दावा किया गया कि उनसे भी इस संबंध में चर्चा की जा चुकी है, जबकि पवन दुर्गम का बयान पहले ही देवाड़ा न्यायालय में मुकेश चंद्राकर के पक्ष तथा आरोपियों के खिलाफ दर्ज हो चुका है.
पत्रकारों ने इसे न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने और निष्पक्ष जांच में बाधा उत्पन्न करने का एक गंभीर प्रयास बताया है. उन्होंने कहा कि गवाहों पर दबाव बनाना, धमकी या प्रलोभन देना कानूनन अपराध है और इससे न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता खतरे में पड़ती है.
शिकायतकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने तथा प्रकरण के प्रमुख गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की पुरजोर मांग की है, ताकि सभी गवाह बिना किसी भय, दबाव या प्रलोभन के न्यायालय और जांच एजेंसियों के समक्ष अपना पक्ष पूरी स्वतंत्रता से रख सकें.