जगदलपुर- कहते हैं लालच बुरी बला है, पर बस्तर के कोड़ेनार थाने वाली मैडम साहब तो शायद अपनी ही धुन में मस्त थीं. कोड़ेनार निवासी हमारे बंगालू यादव जी ने बड़े अरमानों से खेती-बाड़ी के लिए आयशर ट्रैक्टर खरीदा था, जो गलती से एक हादसे में उलझ गया. अब केस की फाइल संभाले बैठी थीं थाने की प्रधान आरक्षक पिलेश्वरी साहू जी. मैडम ने कागज़ात देने और ट्रैक्टर का सुपुर्दनामा कराने के बदले सीधी-सच्ची 10 हज़ार रुपये की सेवा शुल्क मांग ली.
उधर बंगालू जी ठहरे पक्के समझदार आदमी! उन्होंने सोचा कि पुलिस को खुराकी देने से बेहतर है कि सीधे एंटी करप्शन ब्यूरो यानी ACB वालों की घंटी बजाई जाए. ACB की टीम तो ऐसे मौकों के इंतज़ार में ही बैठी रहती है, उन्होंने तुरंत प्लान बना लिया. फिर आया गुरुवार, 23 जुलाई 2026 का वो यादगार दिन, जब बंगालू जी कड़कड़ाते नोट लेकर मैडम के सामने पहुंचे.
रिश्वत के 10 हज़ार रुपये हाथ में आते ही मैडम के चेहरे पर जो मुस्कान आई थी, वो दो सेकंड भी न टिक सकी. क्योंकि झाड़ियों के पीछे से निकलकर ACB की टीम ने ऐसा धमाकेदार सरप्राइज दिया कि रिश्वत लेने वाली मैडम खुद ही रंगे हाथ धरी गईं. जो मैडम कल तक दूसरों का चालान काटती थीं, आज उनके हाथों में ACB ने धारा 7 का कड़ा पहना दिया. अब पुलिस महकमे में चर्चा ज़ोरों पर है कि 10 हज़ार की चाय-पानी के चक्कर में मैडम जी को सरकारी कस्टडी की ऐसी मुफ़्त मेहमाननवाज़ी नसीब हुई है, जिसे वो ज़िंदगी भर नहीं भूलेंगी!