जगदलपुर. बस्तर अंचल की महिलाओं ने अपनी लगन और नवाचार के दम पर स्वावलंबन और उद्यमिता की एक बेमिसाल इबारत लिख दी है. बस्तर वनमण्डल के वन धन विकास केंद्र बकावंड से जुड़ी ‘धारणी करीन स्व-सहायता समूह’ की महिलाओं ने स्थानीय वनोपज का बेहतर इस्तेमाल करते हुए बस्तर के शुद्ध ऑर्गेनिक काजू और देसी गुड़ के अनूठे मेल से बेहद खास ‘बस्तर काजू-कतली’ तैयार की है. बिना शक्कर की यह स्वास्थ्यवर्धक मिठाई न केवल स्वाद में बेहतरीन है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी एक शानदार विकल्प बनकर उभरी है.

चक्रीय-निधि से ऋण लेकर काजू प्रसंस्करण की शुरुआत करने वाली इन महिलाओं की यह मेहनत अब रंग ला रही है. बाजार में आधा और एक किलो की आकर्षक पैकेजिंग में उतारी गई इस काजू-कतली को आम जनता का जबरदस्त प्रतिसाद मिल रहा है. समूह की महिलाओं ने हाल ही में प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप से भेंट कर उन्हें इस मिठाई का पहला बैच भेंट किया. वन मंत्री ने मिठाई के स्वाद और महिलाओं की उद्यमशील सोच की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उनका हौसला बढ़ाया. आगामी बस्तर दशहरा और दीपावली के त्योहारी सीजन में यह स्वदेशी और सेहतमंद काजू-कतली विभागीय आउटलेट ‘संजीवनी’ पर सभी के लिए उपलब्ध रहेगी, जो बस्तर की नारी शक्ति के आर्थिक सशक्तिकरण की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर पेश करती है.