बस्तर- पत्रकार सुरक्षा कानून को पूर्ण रूप से लागू करने की मांग को लेकर जगदलपुर में पत्रकारों ने एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. बस्तर जिला पत्रकार संघ के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में बड़ी संख्या में पत्रकार शामिल हुए और मुख्यमंत्री के नाम बस्तर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की. लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पत्रकार सुरक्षा कानून का जल्द और प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है, ताकि पत्रकार बिना किसी भय के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें.
संघ के अध्यक्ष मनीष गुप्ता ने कहा कि उनकी लड़ाई सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि पत्रकारों के हितों और उनकी सुरक्षा की रक्षा के लिए है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ मीडियाकर्मी सुरक्षा विधेयक वर्ष 2023 में विधानसभा से सर्वसम्मति से पारित हो चुका है, लेकिन अब तक इसके नियम और प्रक्रियाएं पूरी तरह अधिसूचित नहीं होने के कारण कानून का लाभ पत्रकारों तक नहीं पहुंच पा रहा है. पत्रकारों के खिलाफ बिना पर्याप्त जांच के एफआईआर दर्ज होने जैसी घटनाओं से उन्हें मानसिक, सामाजिक और कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. पत्रकार सुरक्षा कानून का उद्देश्य पत्रकारों को धमकी, प्रताड़ना, हिंसा और दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई से संरक्षण प्रदान करना है. इसके तहत शिकायतों की जांच और सुरक्षा से जुड़े मामलों के लिए विशेष समिति के गठन का भी प्रावधान है, लेकिन नियमों के अभाव में ये व्यवस्थाएं धरातल पर नहीं उतर सकी हैं. आज सांकेतिक धरना प्रदर्शन करके ज्ञापन सोपा गया है मांगे पूरी नहीं होने पर आगामी दिनों में रणनीति के साथ और भी लोकतांत्रिक तरीके से लड़ाई लड़ी जाएगी.