दंतेवाड़ा (लूुभम निर्मलकर) . दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा पुलिस और सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता मिली है. हाल ही में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटे माओवादियों की सटीक निशानदेही पर थाना बारसूर क्षेत्र के ग्राम तोड़मा के घने जंगलों में चलाए गए संयुक्त सर्च अभियान के दौरान माओवादियों द्वारा जमीन के नीचे छिपाकर रखा गया हथियारों, विस्फोटकों, नकदी और सोने का बड़ा डंप बरामद किया गया. बरामद सामग्री में 116 ग्राम सोने का बिस्कुट (कीमत लगभग 16 लाख रुपये), 2 लाख रुपये नकद तथा कुल करीब 18 लाख रुपये की संपत्ति शामिल है.
यह कार्रवाई पुलिस महानिरीक्षक बस्तर रेंज बद्री नारायण मीणा, पुलिस उप महानिरीक्षक (ऑपरेशन) सीआरपीएफ राकेश चौधरी, पुलिस अधीक्षक गौरव राय के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राम कुमार बर्मन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नक्सल ऑप्स) जितेंद्र कुमार खूंटे के पर्यवेक्षण में चलाए जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत की गई.
पुलिस के अनुसार माओवादियों ने सुरक्षा बलों पर हमले और अपनी गतिविधियों को संचालित करने के उद्देश्य से इन हथियारों और विस्फोटकों को अलग-अलग स्थानों पर जमीन के नीचे छिपाकर रखा था. आत्मसमर्पित माओवादियों की निशानदेही पर सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाकर इन डंपों का पता लगाया और उन्हें जब्त कर लिया.
बरामद सामग्री में एक इंसास राइफल, 16 इंसास मैगजीन, 4 एके-47 मैगजीन, 68 एके-47 राउंड, 23 एसएलआर मैगजीन, 34 एसएलआर राउंड, 5 बारह बोर बंदूकें, 3 बीजीएल लांचर, 1 बीजीएल सेल, 2 कार्बाइन मैगजीन, 303 के 8 राउंड, 45 चार्जर, 10 भरमार बंदूकें, एक रिवॉल्वर, एक एयरगन सहित बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए. इसके अलावा 6 टिफिन बम, 4 पाइप बम, 122 तीर बम, एक पैरा बम, 2 देशी हैंड ग्रेनेड, 2 देशी मोर्टार, जिलेटिन, 20 डेटोनेटर, कोडेक्स वायर, 14 प्रेशर कुकर, नक्सली वर्दी, दवाइयां, पर्चे-पम्पलेट और अन्य दैनिक उपयोग की सामग्री भी जब्त की गई.
पुलिस का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में हथियार और विस्फोटकों की बरामदगी से सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की माओवादियों की संभावित बड़ी साजिश को समय रहते विफल कर दिया गया है. साथ ही यह कार्रवाई इस बात का भी प्रमाण है कि आत्मसमर्पण कर चुके माओवादी अब हिंसा का रास्ता छोड़कर विकास और मुख्यधारा का रास्ता अपना रहे हैं.
दंतेवाड़ा पुलिस ने जिले के सभी भटके हुए माओवादियों से हिंसा छोड़कर आत्मसमर्पण करने और शासन की पुनर्वास योजनाओं का लाभ उठाते हुए सामान्य जीवन अपनाने की अपील की है. साथ ही ग्रामीणों और क्षेत्र के नागरिकों से शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करने का आग्रह किया गया है.