जगदलपुर. शहर से लगे बिल्लौरी गांव के नजदीकी जंगल में गुरुवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों को एक अज्ञात जंगली जानवर के पंजों के निशान दिखाई दिए. सुबह के समय जंगल की ओर गए ग्रामीणों की नज़र जैसे ही इन पदचिह्नों पर पड़ी, उन्होंने बिना देरी किए इसकी जानकारी वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दी. सूचना मिलते ही वन विभाग की विशेष टीम तत्काल मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर छानबीन शुरू कर दी. जानवर की सटीक स्थिति और उसकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए विभाग द्वारा पूरे इलाके में थर्मल ड्रोन कैमरे से संघन निगरानी की जा रही है.
वन विभाग के अधिकारी योगेश कुमार रात्रे के अनुसार, बिल्लौरी का यह वन क्षेत्र सीधे प्रसिद्ध माचकोट के घने जंगलों से जुड़ा हुआ है. बताया जा रहा है कि इस जानवर की गतिविधि हाल ही में पड़ोसी राज्य ओडिशा के सीमावर्ती इलाकों में भी दर्ज की गई थी, जिसके बाद से ही छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों राज्यों के वन विभाग की संयुक्त टीमें अलर्ट मोड पर हैं. दोनों राज्यों के अधिकारी लगातार आपस में संपर्क बनाए हुए हैं और जानवर की हर हरकत पर कड़ी नज़र रख रहे हैं.
इलाके में किसी भी संभावित खतरे और अप्रिय घटना से बचाव के लिए वन विभाग ने ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रवासियों के लिए विशेष एडवाइजरी जारी की है. विभाग ने सख्त हिदायत दी है कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक कोई भी ग्रामीण लकड़ी बीनने, मवेशी चराने या अन्य किसी काम से बिल्लौरी और माचकोट से लगे जंगलों की तरफ न जाए. इसके साथ ही तड़के और देर रात के समय सुनसान रास्तों पर अकेले निकलने से बचने और बच्चों तथा बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है. पालतू मवेशियों को रात में खुले में छोड़ने के बजाय सुरक्षित बाड़े में बांधने की सलाह दी गई है. वन प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और कोई भी संदिग्ध गतिविधि या जानवर दिखाई देने पर खुद उसके पास जाने के बजाय तुरंत वन विभाग या स्थानीय पुलिस को सूचना दें.