सुनील कश्यप, बस्तर- संभाग के अति नक्सल प्रभावित सुकमा और बीजापुर जिले के सीमावर्ती इलाक़ा व खूंखार नक्सली हिड़मा व देवा के गांव पूवर्ती में आज सुरक्षाबल के जवानों ने ग्रामीणों के लिए स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया. इस शिविर में पुलिस और सुरक्षाबल के पैरामेडिकल स्टॉप के द्वारा ग्रामीणों की जांच की गई. और उन्हें आवश्यक दवाइयों का भी वितरण किया गया. इस स्वास्थ्य शिविर में पूवर्ती ग्राम के ग्रामीणों के साथ ही नक्सल कमाण्डर हिड़मा की मां और पीएलजीए बटालियन के कमाण्डर बारसे देवा के परिजन भी शामिल हुए. और अपने स्वास्थ्य की जांच कराई.
बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में माओवादियों के विरूद्ध प्रभावी रूप से नक्सल विरोधी अभियान संचालन करने के साथ ही क्षेत्र की जनता को सड़क, पुल-पुलिया, बिजली आपूर्ति, राशन दुकान, आंगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य एवं शिक्षा सुविधा और अन्य मूलभूत सुविधाओं से लाभान्वित करने के उद्देश्य से नियमित रूप से नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित की जा रही है.
इसी कड़ी में 16 फरवरी को बीजापुर व सुकमा के सीमावर्ती क्षेत्र के थाना जगरगुण्डा अंतर्गत पूवर्ती में CRPF/ STF/ CoBRA/ DRG/ Bastar Fighter व स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित किया गया. साथ ही बताया कि नवम्बर 2023 से आज दिनांक तक साढ़े तीन महीनों में जिला बीजापुर में नवीन सुरक्षा कैम्प पालनार, डुमरीपालनार, चिंतावागू, कावड़गांव, मुतवेण्डी, गुंडम व जिला सुकमा में नवीन सुरक्षा कैम्प मुलेर, परिया, सलातोंग, मुकराजकोण्डा, दुलेड़, टेकलगुड़ेम, पूवर्ती व जिला कांकेर में नवीन सुरक्षा कैम्प पानीडोबीर कुल 14 सुरक्षा कैम्प स्थापित किये गये हैं. जिसमें नवस्थापित कैम्प पूवर्ती में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में शीर्ष माओवादी कैडर के परिजनों सहित अन्य ग्रामीणजन द्वारा शामिल होकर स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाया.
साथ ही बताया कि आगामी दिनोें में शासन के मंशानुरूप विश्वास, विकास, सुरक्षा, न्याय और सेवा के पंचतत्वों के आधार पर पुलिस, सुरक्षा बल व स्थानीय प्रशासन द्वारा लगातार कार्य करते हुये क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को नक्सल आतंक से मुक्ति दिलाने के साथ-साथ शासन की अनेक प्रकार की विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जनता तक पहुचायी जावेगा.