जगदलपुर- छत्तीसगढ़ के बस्तर में आई भारी बारिश और बाढ़ ने बस्तर जिले में जमकर तबाही मचाई है. मुश्किल हालात में बाढ़ पीड़ित अब संभालने की कोशिश कर रहे हैं. बस्तर में बाढ़ और बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात करने पीसीसी अध्यक्ष भी बस्तर पहुंचे जिन्होंने बुधवार को करीब 8 से 10 बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों से मुलाकात की और उनके हालात को समझा.
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज का कहना है कि बस्तर में बारिश और बाढ़ ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है. अत्यधिक बाढ़ से आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया. लोगों का आशियाना उजड़ गया. सैकड़ो लोग बाढ़ में फंसे रहे. घर की सामग्रियां बाढ़ में बढ़ गई. लोगों के लिए राशन नहीं बचा. जरूरी दस्तावेज, घर की सामग्रियां, मुर्गी, गाय-बैल, बकरियां सभी बाढ़ में बह गए. इस तरह बाढ़ ने बस्तर में जमकर तबाही मचाई. बाढ़ के बाद मुख्यमंत्री बस्तर दौरे पर पहुंचे. जिन्होंने केवल खानापूर्ति ही किया. वहीं जिला प्रशासन भी बाढ़ प्रभावित को लेकर खानापूर्ति ही कर रही है. स्वयंसेवी और समाजसेवी संस्था के साथ ही कांग्रेस पार्टी भी बड़ी संख्या में बाढ़ पीड़ितों तक मदद पहुंचा रही है. और प्रशासन बाढ़ पीड़ितों को केवल खाना पूर्ति करते हुए आरबीसी 6/4 के तहत मदद पहुंचाने का काम कर रही है. इस नियम में समय और महंगाई के साथ बदलाव की जरूरत है. क्योंकि महंगाई के दौर में 4 हजार रुपये से केवल घर मे घुसा मलबा ही साफ होगा. ऐसे में बाढ़ पीड़ितों तक प्रशासन और सरकार उचित मुआवजा नहीं पहुंच पा रही है. और नाइंसाफी कर रही है.