जगदलपुर. जहरीले सांप के डसने, कोमा, ब्रेन मलेरिया और फेफड़ों के गंभीर संक्रमण से जूझ रहे एक मासूम को शहीद महेन्द्र कर्मा स्मृति चिकित्सालय, डिमरापाल के डॉक्टरों ने सही समय पर इलाज देकर मौत के मुंह से खींच निकाला है. बीजापुर जिला अस्पताल से रेफर होकर 22 अगस्त की शाम अत्यंत गंभीर स्थिति में लाए गए इस बच्चे को जब अस्पताल पहुंचाया गया, तब वह सांस भी नहीं ले पा रहा था और उसकी हालत देखकर हर कोई चिंतित था. जांच में सामने आया कि बच्चे को न्यूरोटॉक्सिक करैत सांप ने काटा था, जिसके चलते वह कोमा में चला गया था और साथ ही निमोनिया, खून की अत्यधिक कमी व ब्रेन मलेरिया जैसी गंभीर बीमारियों से भी घिर गया था.
अस्पताल पहुंचते ही शिशु रोग विभाग की टीम ने बिना वक्त गंवाए मोर्चा संभाला और मासूम को तुरंत वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखकर इलाज शुरू कर दिया. लगातार तीन दिनों तक चले गहन वेंटिलेशन सपोर्ट, दो बार खून चढ़ाने और शॉक व मलेरिया के डॉक्टरों द्वारा किए गए अनवरत इलाज का असर यह हुआ कि बच्चा अब पूरी तरह खतरे से बाहर है. संयुक्त संचालक डॉ. अनुरूप कुमार साहू के नेतृत्व में डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और वार्ड बॉय की पूरी टीम की दिन-रात की मेहनत रंग लाई और मासूम को एक नया जीवन मिल सका.