सुकमा (नवीन कश्यप). “मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है, पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है…” सुकमा की माटी के एक लाल ने इन पंक्तियों को पूरी तरह सच साबित कर दिखाया है. स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर जहां पूरा देश आजादी के जश्न में डूबा था, वहीं सुकमा जिले की आकार संस्था से आई एक तस्वीर ने हर देशवासी का दिल छू लिया. 15 अगस्त के सांस्कृतिक कार्यक्रम में देशभक्ति के तरानों पर अपने सहपाठियों के साथ ताल से ताल मिलाकर थिरकते एक दिव्यांग छात्र का वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने न सिर्फ लाखों लोगों को भावुक कर दिया है, बल्कि हर उस शख्स को नई उम्मीद दी है जो जिंदगी की दुश्वारियों से हार मान लेता है.
वायरल हो रहे इस दिलकश वीडियो में एक पैर से दिव्यांग यह मासूम देशभक्ति के गीत पर जिस गजब के उत्साह, ऊर्जा और चेहरे पर खिली निश्छल मुस्कान के साथ डांस करता दिख रहा है, उसे देखकर आपकी आंखें नम हो जाएंगी और सीना गर्व से चौड़ा हो जाएगा. अपनी शारीरिक चुनौती को भूलकर तिरंगे के साए में साथियों संग कदम से कदम मिलाकर झूमते इस बच्चे का जज्बा इंटरनेट पर छा गया है. लोग इस वीडियो को न सिर्फ हाथों-हाथ शेयर कर रहे हैं, बल्कि कमेंट्स में उसकी हिम्मत, मासूमियत और भारत मां के प्रति इस अनोखे समर्पण की जमकर तारीफ कर रहे हैं.
आकार संस्था में शिक्षा हासिल कर रहा यह छात्र अपनी दिव्यांगता को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाकर अपने सपनों को संवार रहा है. स्वतंत्रता दिवस के मंच पर उसकी यह प्रस्तुति केवल एक डांस नहीं, बल्कि हर मुश्किल को हराने के अटूट संकल्प की प्रतीक बन गई है. कदम भले ही एक हो, लेकिन उसके हौसलों की उड़ान हजारों से भी ऊंची है. सुकमा के इस छोटे से चिराग की यह प्रेरणादायक झलक आज पूरे देश को संदेश दे रही है कि अगर दिल में जज्बा और देशप्रेम हो, तो कोई भी रुकावट आपको मुस्कुराने और आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती.