सुकमा (नवीन कश्यप). शासकीय उचित मूल्य दुकान से सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत वितरण के लिए प्राप्त चने की अवैध अफरा-तफरी के मामले में गोलापल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने मामले में 15 बोरी शासकीय चना, कुल 738.600 किलोग्राम वजन, और चना परिवहन में इस्तेमाल किए जा रहे पिकअप वाहन को जब्त किया है. गिरफ्तार आरोपियों में उचित मूल्य दुकान का विक्रेता, तौलक और वाहन चालक शामिल हैं.
पुलिस के अनुसार, बीते 8 अगस्त को थाना गोलापल्ली क्षेत्र में ग्रामीणों से सूचना मिली थी कि शासकीय उचित मूल्य दुकान गोलापल्ली से संबंधित चने की 15 बोरियां एक पिकअप में लोड कर ले जाई जा रही हैं. सूचना मिलते ही गोलापल्ली पुलिस मौके पर पहुंची और वाहन तथा उसमें लोड चने को सुरक्षार्थ थाना परिसर में रखवाया. मामले की वास्तविकता की जांच के लिए खाद्य विभाग को भी सूचित किया गया. खाद्य विभाग की जांच में पिकअप वाहन में लोड चना सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत वितरण के लिए प्राप्त शासकीय सामग्री पाया गया. इसके बाद खाद्य विभाग से प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आधार पर थाना गोलापल्ली में अपराध दर्ज किया गया. मामले में धारा 3 एवं 7 आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा धारा 3(5) बीएनएस, 2023 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई. विवेचना के दौरान पुलिस ने 15 बोरी शासकीय चना, जिसका कुल वजन 738.600 किलोग्राम है, तथा परिवहन में इस्तेमाल पिकअप वाहन को विधिवत जब्त किया. प्रकरण में प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 13 अगस्त को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया.
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पोडियम राजू (34), विक्रेता निवासी गोलापल्ली; पोडियम कृष्णा (33), तौलक निवासी गोलापल्ली; और सम्पत रेड्डी (24), वाहन चालक निवासी लक्ष्मीनगरम, तेलंगाना के रूप में हुई है. पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया. यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रोहित शाह एवं मनोज तिर्की के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी जितेंद्र कुम्भकार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी उप निरीक्षक विमल वट्टी के नेतृत्व में गठित टीम ने की.
पुलिस के मुताबिक, मामले में शासकीय खाद्यान्न की अवैध अफरा-तफरी में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की भी जांच की जा रही है. जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी.