दंतेवाड़ा (लुभम निर्मलकर). जिले के किरंदुल में उस वक्त हड़कंप मच गया जब गढ़चिरौली पुलिस की टीम ने अचानक शहर में दबिश देकर एक बड़े माओवादी नेटवर्क की परतों को उघाड़ दिया. महाराष्ट्र के थाना पिपली (बुर्गी) क्षेत्र में माओवादियों के नाम से लगाए गए बैनर-पोस्टर के मामले ने अब एक ऐसा तूल पकड़ लिया है जिसने जांच एजेंसियों को भी चौंका दिया है. पुलिस ने इस संगीन मामले में UAPA, नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट की बेहद गंभीर धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया था, लेकिन असली सनसनी तब फैली जब दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद किरंदुल के रहने वाले संदिग्ध का नाम सामने आया.
ईश्वर राव, जो किरंदुल के मकान नंबर DS/578 में रहता था, वह पुलिस से बचने के लिए गुजरात भाग गया था, जिसे गढ़चिरौली पुलिस ने एक गुप्त ऑपरेशन के तहत 27 जुलाई को अहमदाबाद से गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर ले लिया. इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद माओवादी कनेक्शन की पड़ताल और मकान की तलाशी के लिए 30 जुलाई को गढ़चिरौली पुलिस ने सीधे दंतेवाड़ा के किरंदुल पहुंचकर विधिवत छापेमारी की, जिससे पूरे इलाके में दहशत और सनसनी का माहौल बना हुआ है.