जगदलपुर (डेस्क) – जिले के बस्तर ब्लॉक की ग्राम पंचायत मधोता में ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्राम संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है. बस्तर सेवक मंडल ने BRLF के सहयोग से हाई इक्पेक्ट मेगा वाटर सेड परियोजना के तहत एक सफल PRA (सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन) कार्यक्रम का आयोजन किया. ​इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य ग्रामवासियों को उनके अपने संसाधनों की शक्ति से परिचित कराना और उन्हें भविष्य की सुनियोजित योजनाओं के लिए तैयार करना था.

विकास का खाका तैयार : मानचित्रों से मिली दिशा

​कार्यक्रम में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से ग्राम विकास की नींव रखी गई. प्रमुखता से सामाजिक मानचित्र, संसाधन मानचित्र, मौसमी मानचित्र और ग्राम की विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई. इन मानचित्रों के निर्माण ने ग्रामीणों को अपने क्षेत्र की भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक स्थिति को गहराई से समझने में मदद की, जिससे वे अपने संसाधनों का सही उपयोग कर भविष्य की सटीक योजनाएं बना सकेंगे.

कम लागत में दोगुनी आय : जैविक खेती का प्रशिक्षण

​कार्यक्रम के दौरान आयोजित किसान पाठशाला विशेष आकर्षण का केंद्र रही. कृषि विशेषज्ञ सुनील कुमार ठाकुर ने किसानों को जैविक खेती के चमत्कारिक फायदे बताए. उन्होंने सिखाया कि कैसे “देसी जुगाड़” की मदद से किसान कम लागत में प्रभावी जैविक खाद और जैविक दवाएं तैयार कर सकते हैं. यह प्रशिक्षण किसानों को रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करके उनकी आय में वृद्धि करने का एक सीधा रास्ता दिखाता है.

सरकारी योजनाओं से मजबूत होगी नींव

​विशेषज्ञों ने इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि निजी भूमि में भूमि सुधार, परती या बंजर भूमि को खेती योग्य बनाना, डबरी निर्माण, कुआँ निर्माण और जल संचयन संरचनाओं जैसे कार्यों से ग्रामीण अपनी सिंचाई सुविधाओं को बढ़ा सकते हैं. ये पहलें न केवल फसलों की उत्पादकता बढ़ाएंगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेंगी.

सामुदायिक एकजुटता की मिसाल

​इस महत्वपूर्ण आयोजन में ग्राम के सभी वर्गों की सक्रिय सहभागिता दिखाई दी. सरपंच कलावती जयदेव यादव, उप सरपंच सुदामा मांझी, ग्राम सभा अध्यक्ष कमला मांझी, ग्राम संगठन अध्यक्ष धनमती नाग, अम्बिका ठाकुर, कौशल्या ठाकुर और रोजगार सचिव हेमराज मौर्य सहित बड़ी संख्या में महिला ग्राम संगठन की सदस्य, स्व सहायता समूह, मितानिन और आँगनबाड़ी कार्यकर्त्ता मौजूद रहे.

​यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत मधोता में आत्मनिर्भरता और टिकाऊ विकास की दिशा में एक सशक्त कदम साबित हुआ है. बस्तर सेवक मंडल की यह पहल ग्रामीण विकास के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल है.

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