जगदलपुर. आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ रोकने और असली डेयरी उत्पादों के नाम पर बेचे जा रहे मिलावटी सामानों पर शिकंजा कसने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, नवा रायपुर द्वारा जारी आदेश के तहत प्रदेशभर में डेयरी एनालॉग यानी गैर-दुग्ध से बने नकली पनीर, मक्खन, क्रीम और अन्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है.
शासन का स्पष्ट आदेश है कि असली दूध के बजाय कृत्रिम या गैर-दुग्ध घटकों से तैयार उत्पाद, जो ग्राहकों को असली डेयरी उत्पाद होने का भ्रम देते हैं, अब बाजार में पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे. विभाग ने सभी निर्माताओं, होटल, रेस्टोरेंट, थोक और फुटकर विक्रेताओं को ऐसे उत्पादों का क्रय-विक्रय तुरंत बंद करने और अपने खाद्य लाइसेंस से ‘एनालॉग फूड कैटेगरी’ को हटाने के लिए संशोधन कराने के निर्देश दिए हैं. इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसी कड़ी में आदेश के त्वरित पालन और व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों की जानकारी देने के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा 4 अगस्त 2026 मंगलवार को दोपहर 12 बजे बस्तर चैंबर ऑफ कॉमर्स भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई गई है. इस बैठक में शहर के सभी होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, डेयरी, किराना और डेली नीड्स संचालकों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि प्रतिबंधात्मक आदेशों और खाद्य सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू कराया जा सके.