जगदलपुर. बस्तर पुलिस की डायल 112 सेवा ने एक बार फिर संकट के समय देवदूत की भूमिका निभाते हुए एक प्रसूता की सुरक्षित डिलीवरी कराई है. दरभा क्षेत्र के ग्राम चिंगपाल में अत्यधिक प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक महिला को अस्पताल ले जाते समय, हालत बिगड़ने पर सूझबूझ दिखाते हुए चलती गाड़ी में ही सुरक्षित प्रसव कराया गया.फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं.
तड़प रही प्रसूता के पास समय से पहुंची डायल 112
मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार (30 मई) शाम करीब 4:27 बजे C-DAC रायपुर से सूचना मिली कि दरभा थाना क्षेत्र के ग्राम चिंगपाल (मांझीगुड़ा पारा) निवासी लोकेश्वर मौर्य की 23 वर्षीय पत्नी दित्या मौर्य को तेज प्रसव पीड़ा हो रही है और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाने की आवश्यकता है. सूचना मिलते ही परपा बायसन-01 (ERV डायल 112) की टीम में तैनात आरक्षक क्रमांक 1188 कैलाश ठाकुर और चालक मुकेश कश्यप बिना एक पल गंवाए तत्काल मौके पर पहुंचे. उन्होंने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रसूता को उनके परिजनों और स्थानीय मितानिन के साथ वाहन में बैठाया और जगदलपुर मेडिकल कॉलेज (डिमरापाल) के लिए रवाना हुए.
रास्ते में बढ़ा दर्द, गाड़ी में ही कराई सुरक्षित डिलीवरी
अस्पताल पहुंचने के आधे रास्ते में ही प्रसूता की प्रसव पीड़ा असहनीय हो गई. अस्पताल पहुंचने का समय न देख, आरक्षक कैलाश ठाकुर और चालक मुकेश कश्यप ने संवेदनशीलता और सूझबूझ का परिचय दिया. उन्होंने वाहन को सुरक्षित जगह पर रोका और वाहन में मौजूद मितानिन व परिजनों की मदद से डायल 112 गाड़ी के अंदर ही प्रसव प्रक्रिया शुरू कराई. टीम और मितानिन के सुरक्षित प्रयासों से महिला ने एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया. बीच रास्ते में ही बच्चे की किलकारी गूंजते ही परिजनों और पुलिस टीम ने राहत की सांस ली.
मेडिकल कॉलेज डिमरापाल में भर्ती, दोनों स्वस्थ
सुरक्षित प्रसव कराने के तुरंत बाद ERV टीम ने तत्परता दिखाते हुए मां और नवजात शिशु को उचित इलाज और देखभाल के लिए सीधे डिमरापाल मेडिकल हॉस्पिटल जगदलपुर पहुंचाया. अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने तुरंत दोनों को अटेंड किया और एडमिट किया. बताया गया कि मां और बच्चा दोनों पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ हैं.