जगदलपुर- बस्तर जिला शिक्षा विभाग से इस वक्त एक बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आ रही है, जहां विधानसभा मानसून सत्र के तारांकित प्रश्न और शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक जैसे अति-महत्वपूर्ण मामलों में लापरवाही बरतने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है. जगदलपुर जिला शिक्षा कार्यालय द्वारा बस्तर के खंड शिक्षा अधिकारी को एक सख्त स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया गया है, जिसने पूरे महकमे में खलबली मचा दी है.
मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ विधानसभा सचिवालय मानसून सत्र के तारांकित प्रश्न और शिक्षा मंत्री द्वारा आयोजित होने वाली संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक के संबंध में निःशुल्क पाठ्य पुस्तक योजना की महत्वपूर्ण जानकारी जिला कार्यालय द्वारा निर्मित आधिकारिक वॉट्सऐप और ईमेल ग्रुप के माध्यम से तत्काल मांगी गई थी. इस बेहद जरूरी और समय-सीमा वाले कार्य में खंड शिक्षा अधिकारी बस्तर द्वारा व्यक्तिगत रुचि लेकर जानकारी तैयार नहीं की गई और न ही उसे जिला कार्यालय भेजा गया, जिसके कारण विधानसभा और शिक्षा मंत्री की समीक्षा बैठक से जुड़ी रिपोर्ट समय पर उच्च स्तर तक प्रेषित नहीं हो सकी.
जिला शिक्षा अधिकारी ने BEO के इस कृत्य को कार्य के प्रति घोर लापरवाही और प्रशासनिक क्षमता की कमी माना है जो कि पूरी तरह प्रतिकूल है. पत्र में सीधे तौर पर चेतावनी दी गई है कि इस घोर लापरवाही के लिए क्यों न उनके विरुद्ध सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु उच्च कार्यालय को प्रस्ताव प्रेषित कर दिया जाए. DEO ने BEO बस्तर को आदेशित किया है कि वे इस संबंध में अपना समाधानकारक स्पष्टीकरण मांगी गई संपूर्ण जानकारी के साथ तत्काल प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें, अन्यथा इस गंभीर लापरवाही पर गाज गिरना तय माना जा रहा है.