दंतेवाड़ा में शिक्षा व्यवस्था की खुली पोल! 120 परिवारों के गांव के स्कूल में मिले सिर्फ 2 छात्र, प्रधान पाठक और रसोइया गायब

दंतेवाड़ा (लुभम निर्मलकर). जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की हकीकत एक बार फिर सामने आई है. सोमवार को जिला पंचायत उपाध्यक्ष अरविंद कुंजाम ने विकासखंड के ग्राम दुगेली स्थित धुर्वापारा प्राथमिक शाला का औचक निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान जो तस्वीर सामने आई, उसने सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.

विद्यालय में दर्ज छात्र संख्या के मुकाबले केवल दो विद्यार्थी ही उपस्थित मिले, जबकि स्कूल के प्रधान पाठक (प्रभारी) और रसोइया दोनों अनुपस्थित पाए गए. यह स्थिति देखकर जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों को तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत कर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए.

निरीक्षण के दौरान श्री कुंजाम ने बताया कि धुर्वापारा में करीब 120 परिवार निवास करते हैं. इतने बड़े गांव में स्कूल में केवल दो बच्चों की उपस्थिति शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाती है. उन्होंने कहा कि हर बच्चे को नियमित रूप से विद्यालय तक पहुंचाना शिक्षकों, स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग की सामूहिक जिम्मेदारी है.

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव में घर-घर संपर्क अभियान चलाकर बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए तथा अभिभावकों से लगातार संवाद स्थापित किया जाए. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन विद्यालय स्तर पर ऐसी लापरवाही शासन की मंशा पर पानी फेर रही है.

जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, मध्यान्ह भोजन, स्वच्छता और शिक्षण व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए. साथ ही अनुपस्थित कर्मचारियों के संबंध में विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा.

इस निरीक्षण के बाद ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं. अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में केवल नोटिस जारी करता है या जिम्मेदारों पर ठोस कार्रवाई भी होती है.

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