कांकेर- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले छोटे बेठिया और परतापुर के बॉर्डर इलाके में आज सुबह माओवादियों और जवानों के बीच नक्सल मुठभेड़ हुई है. इस मुठभेड़ में जवानों ने एक महिला माओवादी को मार गिराया है. मारी गई महिला माओवादी की पहचान ACM कमांडर रूपी के रूप में की गई है. रूपी तेलंगाना की अंतिम तेलगु कैडर रही. जो बस्तर इलाके में सक्रिय थी.
बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि जिला कांकेर के छोटेबेठिया–परतापुर थाना क्षेत्र के सीमावर्ती इलाके में स्थित माचपल्ली, आरामझोरा, हिडूर क्षेत्र के जंगलों में माओवादियों की मौजूदगी की सूचना पर पुलिस बल को सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया था. सर्च अभियान के दौरान पुलिस बल और माओवादियों के बीच माचपल्ली इलाके में मुठभेड़ हुई. मुठभेड़ के पश्चात सर्चिंग के दौरान सुरक्षाबलों द्वारा एक महिला माओवादी कैडर का शव बरामद किया गया. मुठभेड़ में बरामद माओवादी कैडर के शव की पहचान महिला माओवादी कमांडर ACM रूपी के रूप में हुई है. उल्लेखनीय है कि रूपी, डीकेएसजेडसी सदस्य विजय रेड्डी की पत्नी थी. जिसकी वर्ष 2025 में जिला मानपुर–मोहला में एक मुठभेड़ के बाद शव बरामद किया गया था. यह भी उल्लेखनीय है कि रूपी बस्तर क्षेत्र में सक्रिय अंतिम तेलुगू माओवादी कैडर थी. मुठभेड़ स्थल की सर्चिंग के दौरान मृत महिला माओवादी के शव के साथ एक पिस्टल हथियार, गोला-बारूद व अन्य सामग्री बरामद की गई है. आसपास के क्षेत्र में पुलिस बल तथा अन्य सुरक्षा बलों द्वारा सर्च ऑपरेशन जारी है.
आईजी ने कहा कि माओवादी कैडरों के सामने आत्मसमर्पण और पुनर्वास का अवसर देते हुए शासन की ओर से लगातार अपील की जाती रही है. जिसके प्रभाव से विगत महीनों में काफी बड़ी संख्या में माओवादी कैडरों ने पुनर्वास का मार्ग अपनाया है. किंतु रूपी जैसे कुछ कैडरों ने पुनर्वास के मार्ग को छोड़कर हिंसात्मक रास्ता अपनाया. जिसका परिणाम आज उनके अंत के रूप में सामने आया है. आईजीपी बस्तर ने शेष बचे कुछ माओवादी कैडरों से अपील की कि उनके पास अब बहुत सीमित समय शेष है. वे सभी हिंसा के मार्ग को त्यागें और समाज की मुख्यधारा में लौटकर एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत करें.
