सुकमा (नवीन कश्यप). ऑल इंडिया युथ फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश नाग ने जिले में हुए अमृत सरोवर योजना पर सवाल खड़े किए. इसके साथ ही राजेश नाग इस योजना में फर्जीवाड़ा होने का आरोप लगाते हुए इस मामले की जांच करने की मांग सुकमा कलेक्टर के माध्यम से सीएम विष्णु देव साय से की है.

ऑल इंडिया युथ फेडरेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष राजेश ने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकर द्वारा 24 अप्रैल 2022 को योजना प्रारंभ किया गया था. जिसका प्रमुख उद्देश्य गांव में जल संरक्षण के साथ ही सरोवर (तालाब) का विकास करना और ग्रामीण विकासखंड मंत्रालय द्वारा संचालित योजना के तहत तालाब निर्माण में स्थानिय पंजीकृत मजदूरों की मदद से निर्माण करना और रोजगार देना था. कोंटा ब्लॉक में अधिकांश तालाब का निर्माण मशीनों के द्वारा कराया गया. कागज़ों पर एक पक्ष कारवाई कर लाखों रुपए का राशि का बंदरबाट किया गया. उन्होंने कहा कि अधिकांश मस्टररोल भी फर्जी बनाया गया है. और कुछ पंचायतों में पहले ही बने हुए तालाबों पर मशीनों से कार्य कर अमृत सरोवर योजना के नाम से दर्ज कर लाखों – लाखों रुपए का पैसा आहरण कर अधिकारियों द्वारा राशि का बंदरबांट किया गया है. उन्होंने बताया कि सरकर की योजना धरातल पर अधिकारियों द्वारा किस तरह फर्जीवाड़ा कर मजदूरो की मजदूरी की डाका डालने का काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा किअमृत सरोवर के नाम से शासन के योजना को किस तरह फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपए का बंदरबांट हुआ है. राजेश ने कहा कि जो फर्जी वाड़ा हुआ है इन सभी कार्यों की उचित जांच किया जाए और जांच टीम में विभागीय अधिकारियों को संलिप्त न कर और जो भी दोषी अधिकारी हो उसके खिलाफ कड़ी दण्नात्मक कार्यवाही की जाए.