बीजापुर (चेतन कापेवार). जिले में संचालित 180 राशन दुकानों के बैंक खातों में पंचम वित्तीय पोषण राशि वितरण में गड़बड़ी संबंधी शिकायत की जांच के लिए कलेक्टर राजेंद्र कटारा द्वारा गठित जांच दल की निष्पक्षता पर संदेह जताया गया है.

प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए भाजपा मुख्यमंत्री से नए कलेक्टर की उपस्थिति में नए सिरे से जांच की मांग करने वाली है।

इस आशय का बयान भाजपा जिलाध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार ने दिया है. बस्तर फाइल्स से चर्चा में भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि सिलसिलेवार खबरों के माध्यम से यह मामला संज्ञान में आया हैं. चूंकि इसमें खाद्य विभाग के जिम्मेवार अफसरों की संलिप्ता हैं, लिहाजा प्रकरण की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए भाजपा ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन बनाया है.
शनिवार और रविवार अवकाश होने से ज्ञापन सोमवार को जिला कलेक्टर को दिया जाएगा.
भाजपा की मुख्यमंत्री से मांग है कि वित्तीय पोषण राशि वितरण में जिस तरह से भ्रष्टाचार हुआ है, ना सिर्फ पूरी निष्पक्षता से बल्कि नवीन कलेक्टर की पदस्थापना कर नए सिरे से जांच दल बनाकर इसकी जांच कराई जाए.
वर्तमान कलेक्टर राजेंद्र कटारा द्वारा गठित जांच दल पर भाजपा को भरोसा नहीं है कि टीम जांच में पूरी पारदर्शिता बरतेगी. चूंकि जांच टीम में शामिल अफसर वर्तमान कलेक्टर के अधीन लम्बे समय से कार्यरत् है, इसलिए जांच में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी, इसमें उन्हें संदेह है, लिहाजा मुख्यमंत्री के समक्ष वित्तीय पोषण मामले की जांच पूरी निष्पक्षता के साथ कराने भाजपा मांग रखेगी.
गौरतलब है कि जिले में संचालित राशन दुकानों के खातों में वित्तीय पोषण राशि वितरण में गड़बड़ी से जुड़ी खबर सबसे पहले बस्तर फाइल्स ने प्रकाशित की है. इसके बाद कलेक्टर बीजापुर राजेंद्र कटारा के आदेश पर तीन सदस्यीय जांच टीम द्वारा जांच शुरू कर दी गई है. इस मामले में भोपालपट्नम में पदस्थ खाद्य निरीक्षक मनोज सारथी के विरूद्ध गंभीर आरोप है. राशि करोड़ो में होने से मामला काफी हाईप्रोफाइल भी बन चुका है. इसे ध्यान में रखते हुए भाजपा भी निष्पक्ष जांच के साथ संलिप्त जिम्मेवारों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई के मूड में है.

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