सुनील कश्यप, दंतेवाड़ा। बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में बेहतर शिक्षा व्यवस्था को हरेक ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए लगातार सरकार काम कर रही है. शिक्षकों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के परिजनों के साथ ही स्थानीय जागरूक लोगों को भी शिक्षा के प्रति आगे करते हुए टीम में शामिल कर रही है. और जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर अंदरूनी क्षेत्रों के आदिवासी बच्चों में शिक्षा व्यवस्था सुधार करने व नियमित रूप से स्कूल भेजने के लिए प्रशिक्षण भी दे रहे हैं. इसी कड़ी में एक बार फिर से प्रशिक्षण दिया गया है.

राज्य, जिला एवं विकास खंड कार्यालय से प्राप्त आदेशानुसार विकास खंड शिक्षा अधिकारी एवम् खड़ स्रोत समन्वयक के मार्गदर्शन में श्रेष्ठ पालकत्व एवम शाला प्रबंधन समिति विषय पर प्रशिक्षण संकुल केंद्र जंगमपाल (विकासखंड कटेकल्याण) के समस्त प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों का संकुल स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन संकुल केंद्र जंगमपाल के कार्यालय में संपन्न हुआ| उक्त प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स का दायित्व योगेश कुमार पटेल एवं संकुल शैक्षिक समन्वयक धनराज सिंह मरकाम द्वारा दिया गया | श्रेष्ठ पालकत्व विषय पर विस्तृत चर्चा की गई कि किस प्रकार शाला में अध्ययनरत बच्चों के पढ़ाई स्तर एवं अन्य गतिविधियों में सुधार हेतु एसएमसी सदस्यों के माध्यम से प्रयास किया जा सकता है| राज्य कार्यालय से प्राप्त दुलार कार्ड, कैलेंडर एवम् अन्य टूल किट के माध्यम से चर्चा किया गया। एवम विभिन्न विषयों पर गतिविधि किया गया। शाला प्रबंधन समिति द्वारा उन्मुखीकरण एवं विकास योजना निर्माण पर विस्तृत दिशा निर्देश दिए गए |आगामी दिनों में समस्त प्रशिक्षित शिक्षक अपने विद्यालय स्तर पर एसएमसी सदस्यों को उक्त विषय पर प्रशिक्षण देंगे व विद्यालय स्तर में सुधार एवं शाला विकास योजना निर्माण का कार्य करेंगे| प्रशिक्षण शाला स्तर पर बेहतर ढंग से आयोजित करने पर चर्चा किया गया। सभी ने माना कि यह प्रशिक्षण अन्य प्रशिक्षण से अलग है।सभी प्रशिक्षणार्थियों ने एसएमसी प्रशिक्षण में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।

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