जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर की ऐतिहासिक पहचान और शहर की जीवनरेखा ‘दलपत सागर’ एक बार फिर अपने पुराने वैभव की ओर लौट रहा है. नगर निगम और शहरवासियों के सामूहिक प्रयासों से दलपत सागर में स्वच्छता का महा-अभियान जारी है. इसी कड़ी में आगामी 14 जनवरी, मकर संक्रांति के पावन अवसर पर यहाँ एक भव्य दीपोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जहाँ हजारों दीये स्वच्छता और सांस्कृतिक एकता का संदेश फैलाएंगे.

70 % सफाई पूरी, अब जनभागीदारी की बारी

​महापौर संजय पांडे के नेतृत्व में पिछले चार महीनों से जारी इस अभियान के उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं. विड हार्वेस्टिंग मशीन और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से सागर का लगभग 60 से 70 प्रतिशत हिस्सा जलकुंभी और घास से मुक्त हो चुका है. अब इस अभियान को अंतिम रूप देने के लिए शनिवार सुबह 8 बजे विशेष श्रमदान आयोजित किया गया है, जिसमें पूरा शहर एक साथ जुटेगा.

“एक दिया स्वच्छता के नाम”

​महापौर ने शहर के हर नागरिक से इस पुनीत कार्य में जुड़ने की अपील की है. उन्होंने कहा, “दलपत सागर हमारी सांस्कृतिक धरोहर है. इसे स्वच्छ रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है.”

इस भव्य आयोजन की मुख्य बातें:

● ​श्रमदान: शनिवार सुबह 8 बजे से विशेष सफाई अभियान.

● ​रणनीति: सफाई के बाद दीपोत्सव की रूपरेखा तैयार करने के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक होगी.

● ​अपील: शहरवासी दीप, तेल और बाती दान कर इस उत्सव का हिस्सा बन सकते हैं.

● ​सुरक्षा: दान और आर्थिक सहयोग के लिए केवल आधिकारिक क्यूआर (QR) कोड का ही उपयोग करें.

पूरा बस्तर होगा एकजुट

​इस अभियान को सफल बनाने के लिए बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स, परिवहन संघ, रोटरी और इनरव्हील क्लब, युवा संगठन (युवोदय), पत्रकार संघ और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कमर कस ली है. लक्ष्य है कि मकर संक्रांति की शाम जब दलपत सागर के तट दीपों की रोशनी से नहाएंगे, तो वह दृश्य ऐतिहासिक हो और पूरे प्रदेश में स्वच्छता का एक मिसाल कायम करे.

​निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा सहित निगम की पूरी टीम और एमआईसी सदस्य मौजूद रहे, जो लगातार जमीनी स्तर पर तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं.

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