बीजापुर (चेतन कापेवार)। पिछले 48 घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश सोमवार को थम गई, नदी -नालों में आई बाढ़ भी शांत होने लगी है। जलस्तर तेजी से घटने से बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन गंगालूर को बीजापुर से जोड़ती इकलौती सड़क पर पोंजेर पुलिया क्षतिग्रस्त हो जाने से दर्जनों गांवों का संपर्क अब भी जिला मुख्यालय से टूटा हुआ है। सीआरपीएफ कैम्प से सटे पोंजेर पुलिया में जलस्तर तेजी से घटने के बावजूद सड़क के एक छोर पर पुलिया बाढ़ की जद में आकर इस कदर क्षतिग्रस्त हो गई है कि गंगालूर-चेरपाल की तरफ बीजापुर की ओर आने वाली गाड़ियों की कतार सुबह से लगी हुई है, दूसरी तरफ बीजापुर से चेरपाल-गंगालूर की ओर गुजरने वाले वाहनों के पहिए भी थमे हुए हैं, जिससे दोनों तरफ के मुसाफिरों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। मुसाफिर वाहनों से उतरकर पुलिया को पार कर आगे सफर तय करने को मजबूर है, बावजूद प्रशासन की तरफ से अब तक क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे लोगांे की परेशानी बढ़ी हुई हैं। बीजापुर को गंगालूर से जोड़ती इकलौती सड़क पर एकमात्र बस चलती है, जो गंगालूर से बीजापुर होते हुए संभाग मुख्यालय को जोड़ती है, इसके अलावा दो दर्जन से ज्यादा सवारी टैक्सियां रोजाना सवारी लेकर चलती है, वही स्वास्थ्य कर्मचारियों से अन्य सरकारी कर्मचारी भी दूर-दराज के गांवों में ड्यूटी पर जाने इसी सड़क पर निर्भर है, इकलौती सड़क पर दर्जनों गांवों से लेकर स्कूल-अस्पताल के कर्मचारियों की निर्भरता के बावजूद प्रषासन अब तक क्षतिग्रस्त सड़क को दुरूस्त करने की जहमत नहीं उठा पाया है।