जगदलपुर (डेस्क) – बस्तर जिले में डायल 112 की मुस्तैदी एक बार फिर देखने को मिली है. एक गुमशुदा बुजुर्ग को ढूँढने और उसे सुरक्षित उसके परिजनों को सौंपने में लोहण्डीगुड़ा बाइसन 1 (ERV) टीम ने सराहनीय कार्य किया है.

C4 से मिली तत्काल सूचना

​घटना की शुरुआत 26 नवंबर 2025 को सुबह 9:37 बजे हुई, जब C4 कंट्रोल रूम से लोहण्डीगुड़ा बाइसन 1 को एक इवेंट के तहत कार्रवाई के लिए निर्देश मिला. सूचना मिलते ही, महिला आरक्षक दीप्ति टोप्पो और चालक चमार कश्यप की टीम तत्काल भिरलेंगा बायागुड़ा पारा के मौका स्थल पर पहुँची.

संदिग्ध से गुमशुदा की पहचान

​मौका स्थल पर बस्तर बायसन 1 टीम के सहयोग से एक संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की गई. पूछताछ में पता चला कि वह व्यक्ति सन्नू पोयम (57 वर्ष), निवासी अलनार मौसो पारा, थाना लोहण्डीगुड़ा का है. पूछताछ से यह स्पष्ट हुआ कि वह व्यक्ति अपने गांव से भटक गया था.

दिवाली के समय से थे लापता

​तत्परता दिखाते हुए ERV टीम ने सन्नू पोयम को उनके गृहग्राम अलनार पहुँचाया. वहाँ, उनके छोटे भाई के बेटे सोमारू पोयम (35 वर्ष) से मुलाकात हुई. सोमारू पोयम ने पुष्टि की कि सन्नू पोयम उनके बड़े पिताजी हैं, और वे दिवाली के समय अक्टूबर माह से लापता थे, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी.

डायल 112 की सफलता

​ERV टीम ने गांव के सरपंच और परिवार की उपस्थिति में सन्नू पोयम को उनके भतीजे सोमारू पोयम को सकुशल सुपुर्द कर दिया. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि डायल 112 संकट के समय कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके बाद डायल 112 की टीम ने लोहण्डीगुड़ा थाना प्रभारी को भी इस सफल कार्रवाई की सूचना दी.

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