आंध्रप्रदेश,ओडिशा- चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ ने आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में दस्तक देते ही तबाही मचानी शुरू कर दी है. मंगलवार देर रात करीब 3:30 बजे तट से टकराए इस तूफान के दौरान 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं. तूफान के प्रभाव से कई इलाकों में भारी बारिश, पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबर है. हालात को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है.
कई जिलों में भारी बारिश, बाढ़ का खतरा….
तूफान का सबसे ज्यादा असर आंध्रप्रदेश के विशाखापट्टनम, अनकापल्ली, काकीनाड़ा और कोनसीमा में देखने को मिल रहा है. इन इलाकों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है. निचले क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ की आशंका के बीच हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने और बिजली व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं.
50 ट्रेनें और 21 उड़ानें रद्द होने की खबर
चक्रवात के चलते रेल और हवाई सेवाओं पर भी बड़ा असर पड़ा है. एहतियातन करीब 50 ट्रेनों को रद्द करने की खबर है. वहीं विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम हवाई अड्डों से जुड़ी 21 उड़ानें भी रद्द किए जाने की जानकारी मिल रही है. इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
ओडिशा में भी अलर्ट, 16 जिलों में स्कूल बंद
चक्रवात के असर से पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी भारी बारिश हो रही है. मौसम की गंभीरता को देखते हुए राज्य के 16 जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं. वहीं करीब 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. दोनों राज्यों में राहत और बचाव कार्यों को ध्यान में रखते हुए लगभग 4000 चक्रवात आश्रय केंद्र तैयार किए जाने की जानकारी दी गई है.
प्रशासन सतर्क, राहत-बचाव पर जोर
चक्रवात के प्रभाव को देखते हुए तटीय क्षेत्रों में सतर्कता बरती जा रही है. लोगों को समुद्र और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने व प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है. आने वाले समय में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति को देखते हुए राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखा गया है.