खुद 23 बार किया रक्तदान, 15 हजार लोगों को किया प्रेरित; सुकमा के दिलीप बघेल बने जरूरतमंदों के लिए उम्मीद

सुकमा- किसी जरूरतमंद को समय पर खून मिल जाए, तो उसकी जिंदगी बच सकती है. इसी सोच को अपना संकल्प बनाकर सुकमा के दिलीप कुमार बघेल पिछले कई वर्षों से रक्तदान के क्षेत्र में लगातार काम कर रहे हैं. खुद 23 बार रक्तदान कर चुके दिलीप ने शहीद भगत सिंह ब्लड आर्मी सुकमा के माध्यम से अब तक 15 हजार से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया है. उनका यह प्रयास न केवल जरूरतमंद मरीजों के लिए मददगार बन रहा है, बल्कि युवाओं को भी समाजसेवा के लिए आगे आने का संदेश दे रहा है.

2017 में शुरू किया बदलाव का अभियान

दिलीप कुमार बघेल ने वर्ष 2017 में शहीद भगत सिंह ब्लड आर्मी की शुरुआत की. उनका उद्देश्य साफ था कि रक्त की कमी के कारण किसी जरूरतमंद मरीज को परेशानी का सामना न करना पड़े. हालांकि शुरुआती दौर में रक्तदान को लेकर लोगों के मन में कई तरह की भ्रांतियां और डर थे. लोग रक्तदान करने से कतराते थे. ऐसे में दिलीप ने खुद आगे बढ़कर रक्तदान किया और लोगों को इसके प्रति जागरूक करने का प्रयास शुरू किया.

15 हजार से अधिक लोगों तक पहुंचा अभियान

दिलीप की पहल और उनकी टीम की मेहनत से रक्तदान का यह अभियान लगातार आगे बढ़ा. उनके प्रयासों से अब तक 15 हजार से अधिक लोगों ने रक्तदान किया है. जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की व्यवस्था करने से लेकर लोगों को स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूक करने तक, ब्लड आर्मी की टीम लगातार सक्रिय है.

खुद रक्तदान कर पेश की मिसाल

दिलीप केवल लोगों को रक्तदान करने की सलाह नहीं देते बल्कि खुद भी इस जिम्मेदारी को निभाते हैं. अब तक 23 बार रक्तदान कर उन्होंने सेवा और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है. उनका मानना है कि रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना जरूरी है, ताकि जरूरत के समय मरीजों को रक्त के लिए भटकना न पड़े.

युवाओं को समाजसेवा से जोड़ने की कोशिश

सुकमा जैसे क्षेत्र में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना अपने आप में महत्वपूर्ण पहल है. दिलीप कुमार बघेल और उनकी टीम का प्रयास है कि अधिक से अधिक युवा इस अभियान से जुड़ें और जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आएं. उनका यह सफर बताता है कि एक व्यक्ति की पहल भी समाज में बड़ा बदलाव लाने का माध्यम बन सकती है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

BastarFiles