जगदलपुर- मौसम विभाग द्वारा 27 से 29 अक्टूबर के दौरान उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में भीषण चक्रवाती तूफान की चेतावनी जारी किए जाने के बाद बस्तर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सक्रिय हो गया है. चक्रवात के असर से क्षेत्र में बारिश व बाढ़ की गंभीर आशंका को देखते हुए आपदा प्रबंधन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. किसी भी आपात स्थिति से त्वरित गति से निपटने और राहत व बचाव कार्यों के सुचारू समन्वय के लिए जिला कार्यालय की नाजिर शाखा के पास 24 घंटे संचालित होने वाला विशेष बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है. इस कंट्रोल रूम में 26 से 31 अक्टूबर तक अधिकारियों और कर्मचारियों की चार पालियों में चौबीसों घंटे तैनाती सुनिश्चित की गई है. जो केंद्रीय जल आयोग के सतत संपर्क में रहकर इंद्रावती नदी के जलस्तर और क्षेत्र में हो रही बारिश पर निरंतर नजर बनाए रखेंगे.
आपदा प्रबंधन कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जिले में अधीक्षक भू-अभिलेख और अनुविभागीय अधिकारियों सहित विभिन्न तहसीलों के 13 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं. इसके साथ ही इंद्रावती, मार्कण्डी और नारंगी नदियों के तटीय व निचले इलाकों में स्थित दर्जनों गांवों को अति-संवेदनशील मानते हुए विशेष निगरानी में रखा गया है. जिनमें जगदलपुर, बकावण्ड, लोहण्डीगुड़ा और बस्तर तहसील के अंतर्गत आने वाले तटीय ग्रामीण क्षेत्र प्रमुख हैं. प्रशासन द्वारा संभावित प्रभावित इलाकों में लगातार मुनादी कराकर ग्रामीणों को सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए जागरूक किया जा रहा है. बाढ़ व जलभराव की स्थिति निर्मित होने पर प्रभावित परिवारों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर भेजने के लिए 18 से अधिक प्राथमिक शाला भवनों, सामाजिक भवनों, मंगल भवनों और धर्मशाला इत्यादि को राहत शिविर के रूप में पूरी तरह तैयार कर लिया गया है. आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सहायता मुहैया कराने के उद्देश्य से इन सभी राहत शिविर स्थलों पर नोडल अधिकारियों की तैनाती कर उन्हें पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है. ताकि भोजन, पेयजल और चिकित्सा जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाएं निर्बाध रूप से उपलब्ध रह सकें.
मैदानी स्तर पर बचाव व राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नगर सेना और एसडीआरएफ के साथ-साथ एनडीआरएफ की टीम भी पूरी तरह तैनात रहेगी. अत्याधुनिक जीवनरक्षक संसाधनों से लैस बचाव दलों को हाई-पावर मोटर बोट्स, लाइफ जैकेट्स, लाइफ बॉय, अंडरवाटर रेस्क्यू सिस्टम, पोर्टेबल फ्लोटिंग पंप, कटर और गैस डिटेक्टर जैसी आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई गई है, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति में तत्काल मोर्चा संभाला जा सके. जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने के निर्देश देने के साथ ही आम नागरिकों की सहायता के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की सूची भी जारी कर दी है. जिसके तहत किसी भी आपात स्थिति, जलभराव अथवा सहायता के लिए नागरिक जिला बाढ़ नियंत्रण कक्ष के दूरभाष नंबर 07782–223122 पर चौबीसों घंटे संपर्क कर सकते हैं.
इसके अलावा प्रशासनिक समन्वय व सहयोग के लिए जिला स्तरीय नोडल अधिकारी अपर कलेक्टर दिलेराम डाहिरे (9827152283), नगर सेना जगदलपुर के जिला सेनानी एवं अग्निशमन अधिकारी संतोष कुमार मार्बल (7974743964), जगदलपुर के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनीष वर्मा (9406349496), बस्तर के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अजय कुमार शतरंज (8717902544), लोहण्डीगुड़ा की अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) नंदनी साहू (7898632929), तोकापाल के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सत्येन्द्र कुमार बंजारे (7898748891) व बकावण्ड के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अमित बेक (8659966210) से संपर्क साधा जा सकता है. साथ ही स्थानीय स्तर पर त्वरित सहायता के लिए जगदलपुर तहसीलदार राहुल गुप्ता (6263550976), तोकापाल तहसीलदार यशोदा केतारप (9424297984), बास्तानार तहसीलदार पुष्पराज मिश्रा (9174081224), दरभा तहसीलदार सुनील कुमार ध्रुव (9399163436), लोहण्डीगुड़ा तहसीलदार कैलाश पोयाम (8770723024), बकावण्ड तहसीलदार जागेश्वरी गावड़े (8817274350), बस्तर तहसीलदार जॉली जेम्स (9424291946), भानपुरी तहसीलदार जीवेश शोरी (9406422812), नानगुर तहसीलदार दिपिका देहारी (9425596378) और करपावण्ड तहसीलदार पंकज बघेल (7879119049) के मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया जा सकता है. जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें, मुनादी में दिए जा रहे सुरक्षा निर्देशों का कड़ाई से पालन करें और संकट की स्थिति में सीधे नियंत्रण कक्ष अथवा संबंधित स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें.