जगदलपुर- छत्तीसगढ़ के बस्तर में माओवाद के खिलाफ मिली सफलता के बाद इस बार विजयदशमी का पर्व पुलिस के लिए खास रहा. नक्सल मुक्ति के बाद पहली बार विजयादशमी के अवसर पर बस्तर पुलिस लाइन में शस्त्र पूजा का आयोजन किया गया. इस दौरान पुलिस के प्रमुख हथियारों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई. साथ ही नक्सल मोर्चे पर तैनात रहकर महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले पुलिस जवानों और अधिकारियों को बधाई दी गई. वहीं नक्सल हिंसा के खिलाफ लड़ाई में शहीद हुए जवानों और अधिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को याद किया गया. पूजा अर्चना के बाद पुलिस के अधिकारियों ने हवा में फायरिंग भी की. इन हथियारों में LMG, AK-47, इंसास, एसएलआर, मोर्टार, ग्रेनेड लॉन्चर सहित अन्य प्रमुख हथियार शामिल थे.

बस्तर एसपी शलभ सिन्हा ने कहा कि बस्तर से माओवाद समाप्ति के बाद विजयदशमी के अवसर पर पहली बार बस्तर के पुलिस लाइन में शस्त्र पूजा का आयोजन किया गया. इस पूजा विधान में पुलिस लाइन में मौजूद सभी प्रमुख शस्त्रों को बाहर निकाल गया और विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की गई. यह वही शस्त्र हैं जिनकी बदौलत बस्तर शांति की राह में आगे बढ़ा है, और नक्सल मोर्चे पर सफलता हासिल की है. यह हथियार पुलिस लाइन में मौजूद रहते हैं और जब कभी भी इनकी आवश्यकता पड़ती है इन्हें बाहर निकाला जाता है और इस्तेमाल में लाया जाता है. साल भर इन हथियारों की देखरेख, रखरखाव किया जाता है. और साल में एक बार इनकी पूजा अर्चना भी की जाती है. नक्सल मोर्चे पर मौजूद रहे सभी पुलिस के अधिकारियों को बधाई देने के साथ ही उन जवानों और अधिकारियों को भी आज श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं, जिन्होंने नक्सल मोर्चे पर अपनी शहादत दी है.