जगदलपुर. इंद्रावती नदी के पुराने पुल पर उस समय हलचल तेज हो गई, जब नदी की तेज धार के बीच अचानक राहत और बचाव का बड़ा अभियान शुरू हुआ. पानी के बीच फंसे लोगों को देखकर पुल पर मौजूद राहगीर भी सहम गए और पूरी प्रक्रिया को सांस रोककर देखने लगे.

आपदा प्रबंधन और नगर सेना के जवानों ने बिना समय गंवाए पानी के तेज बहाव में छलांग लगा दी. जवानों ने मोटर बोट, रेस्क्यू रोप्स और फ्लोटिंग डिवाइसेज का इस्तेमाल करते हुए बड़ी फुर्ती से लहरों के बीच फंसे लोगों तक पहुंच बनाई और उन्हें सुरक्षित किनारे पर ले आए. तट पर पहुंचते ही स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया.
हालांकि, बाद में स्थिति स्पष्ट हुई कि यह कोई वास्तविक हादसा नहीं, बल्कि कलेक्टर आकाश छिकारा के मार्गदर्शन में आयोजित एक जीवंत ‘मॉक ड्रिल’ थी. अधिकारियों ने आपातकालीन स्थितियों में विभागों के रिस्पांस टाइम को परखने और ‘जीरो कैजुअल्टी’ के लक्ष्य को हासिल करने के लिए इस अभ्यास को बेहद प्राकृतिक और चुनौतीपूर्ण स्वरूप दिया था.