जगदलपुर. सत्र न्यायालय बस्तर के पीठासीन अधिकारी गोविंद नारायण जांगड़े ने पारिवारिक विवाद के चलते अपनी भाभी की हत्या करने और बड़े भाई पर जानलेवा हमला करने के मामले में फैसला सुनाते हुए दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. इसके साथ ही अदालत ने हत्या के प्रयास के अपराध में सात वर्ष के सश्रम कारावास और दोनों धाराओं के तहत 100-100 रुपये के जुर्माने से भी दंडित किया है.
मामला थाना परपा क्षेत्र के ग्राम बड़े बोदल का है, जहां बोड़ंकू मंडावी अपनी पत्नी जयमनी मंडावी के साथ कोठार बाड़ी में मौजूद थे. इसी दौरान रात करीब 8 बजे आरोपी नीलू मंडावी लोहे की रॉड और हथौड़ा लेकर वहां पहुंचा और अपनी भाभी पर पत्नी को मायके भगाने का आरोप लगाते हुए जान से मारने की नियत से ताबड़तोड़ हमला कर दिया. आरोपी ने बीच-बचाव करने आए अपने बड़े भाई और भाभी के सिर व चेहरे पर गंभीर वार किए, जिससे दोनों बुरी तरह घायल हो गए. घटना के बाद दोनों घायलों को इलाज के लिए डिमरापाल स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान अगले दिन जयमनी मंडावी की मौत हो गई. वहीं गंभीर रूप से घायल बोड़ंकू मंडावी के सिर में दस टांके लगे और इलाज के बाद उनकी जान बच सकी. अभियोजन पक्ष ने मामले की जांच पूरी कर आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) और 109 के तहत अदालत में चालान पेश किया. अदालत में लगभग डेढ़ वर्ष तक चले ट्रायल के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर नीलू मंडावी को दोषी पाया गया, जिसके बाद न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई.