Big Breaking: ​वर्दी की आड़ में छल और दुष्कर्म, फास्ट ट्रैक कोर्ट ने Sub Inspector को सुनाई 10 साल की सजा

जगदलपुर. अपर सेशन न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) शैलेश अच्युत्य पटवर्धन की अदालत ने शासकीय पद और पुलिस की वर्दी की आड़ में एक महिला को शादी का झूठा झांसा देकर दुष्कर्म करने तथा पहली पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी करने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है. न्यायालय ने अभियुक्त और महकमे से बर्खास्त हो चुके तत्कालीन सब इंस्पेक्टर विकेश चौहान को गंभीर अपराध का दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और कुल 15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है.

​अदालत ने अपने फैसले में न्यायपालिका के सख्त रुख को रेखांकित करते हुए टिप्पणी की कि अभियुक्त एक लोक सेवक था, जिस पर कानून की रक्षा का जिम्मा था. इसके बावजूद उसने महिला के शरीर और शील के विरुद्ध अनैतिक, असामाजिक और विधि-विरुद्ध कृत्य किया. माननीय न्यायाधीश ने फैसले में स्पष्ट किया कि अभियुक्त ने स्वयं का विवाह विच्छेद होने का मिथ्या कथन कर पीड़िता को छलपूर्वक विवाह का वचन दिया और उसकी स्वतंत्र सहमति के बिना संबंध बनाए. न्यायालय ने पुलिस अधिकारी द्वारा किए गए इस कृत्य को अत्यंत गंभीर प्रकृति का मानते हुए कहा कि लोक सेवक के पद पर रहते हुए ऐसा घृणित अपराध करना अक्षम्य है. उल्लेखनीय है कि इस मामले में घिरे अभियुक्त की इस करतूत के उजागर होने के बाद पुलिस विभाग पहले ही उसे सेवा से बर्खास्त कर चुका है.

​मामले के अनुसार, अभियुक्त ने पीड़िता से फेसबुक के जरिए पहचान बढ़ाकर खुद को तलाकशुदा बताया और उसका विश्वास जीता. इसके बाद शहर के पुलिस क्वार्टर में पीड़िता को रखकर उसकी इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए और बाद में चित्रकोट के शिव मंदिर में दिखावटी विवाह कर लिया. जब पीड़िता को उसकी पहली पत्नी के जीवित होने और तलाक न होने की सच्चाई पता चली, तब उसने रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर थाने में मामला दर्ज कराया.

​सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक प्रीति वानखेड़े द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और अकाट्य तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने बर्खास्त सब इंस्पेक्टर को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(ढ) के तहत 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 10 हजार रुपये जुर्माना तथा धारा 494 के तहत 5 वर्ष का सश्रम कारावास व 5 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

BastarFiles