आज देश अपना 76 वां स्वतंत्रता दिवस (Independence day) मना रहा है। ये दिन देश के उन वीरों की गौरव गाथा और बलिदान का प्रतीक है जिन्होंने अंग्रेजों के दमन से देश आजाद कराने में अपना सबकुछ न्योछावर कर दिया था। 15 अगस्त 1947 को हमें ब्रिटिश शासन के 200 सालों के राज से आजादी मिली थी। ये दिन हमारे फ़्रीडम फाइटर्स के त्याग और तपस्या की याद दिलाता है।
महात्मा गांधी, भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ.राजेंद्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सुखदेव, गोपाल कृष्ण गोखले, लाला लाजपत राय, लोकमान्य बालगंगाधर तिलक, चंद्र शेखर आजाद, खुदीराम बोस समेत असंख्य वीरों ने देश के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया था और आजाद भारत के सपने को साकार किया था। ये इन असाधारण वीरों का बलिदान ही है कि हम आज आजाद भारत में सांस ले पा रहे हैं। आइए जानते है इस दिन का इतिहास और महत्व।
स्वतंत्रता दिवस का इतिहास
15 अगस्त 1947 की मध्य रात्री में भारत को अंग्रेजों से आजादी मिली थी. भारत को ब्रिटिश राज से आजादी लेने में 200 साल से अधिक का समय लग गया था. इसी दिन यानी 15 अगस्त 1947 को देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने पहली बार लाल किले पर तिरंगा फहराया था. इसके बाद से स्वतंत्रता दिवस पर हर साल भारत के प्रधानमंत्री दिल्ली के लाल किले पर राष्ट्रीय तिरंगा झंडा फहराते हैं. ये दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ पूरे देश के स्कूलों में भी मनाया जाता है.
स्वतंत्रता दिवस का महत्व-
स्वतंत्रता दिवस केवल एक दिन विशेष नहीं बल्कि, देश के उन असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति हमारे सम्मान को प्रदर्शित करने का जरिया भी है जिन्होंने देश को आजाद कराने के लिए अपना सर्वस्व त्याग दिया था. ये दिन राष्ट्र के प्रति अपनी एकजुटता और निष्ठा दिखने का दिन भी है. साथ ही ये पावन अवसर युवा पीढ़ी को राष्ट्र की सेवा के लिए प्रेरित करता है. राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और देशभक्ति का महत्व समझने के लिए ये स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण है।