बीजापुर (चेतन कापेवार). झीरम हमले में बच निकलने वाले और घटना के प्रत्यक्षदर्शी युवा आयोग के पूर्व सदस्य अजय सिंह ने राजनीतिक साजिश के तहत् हत्या की आशंका जाहिर की है. अजय ने बीजापुर पुलिस अधीक्षक के नाम लिखित पत्र भी प्रस्तुत किया है.
अजय का आरोप है कि थाना प्रभारी भैरमगढ़ ने मौखिक आदेश पर उनकी सुरक्षा में तैनात जवानों को हटा दिया. अकास्मात इस कार्रवाई को गलत ठहराते अजय का कहना है कि उन्हें पूरा यकीन है कि राजनैतिक षडयंत्र के तहत् उनकी सुरक्षा हटाई जा रही है. चुनाव के मद्देनजर उन्हें विभिन्न क्षेत्रों का दौरा करना है और यही बीजापुर के सत्तारूढ़ विधायक नहीं चाहते.


एसपी को लिखे पत्र में उल्लेख है कि जुडूम में उनकी भागीदारी और झीरम हमले में बच निकलने के बाद उन्हें नक्सलियों से जान का खतरा है, इसके मद्देनजर शासन द्वारा उनकी सुरक्षा एक्स श्रेणी से बढ़ाकर जेड श्रेणी कर दी गई थी. विगत दस वर्षों वे सुरक्षा घेरे में है.
अजय के अनुसार सुरक्षा हटाने के पीछे स्थानीय प्रशासन और विधायक के विरूद्ध भ्रष्टाचार की शिकायत को वे वजह मानते हैं. उन्हें लगातार किसी ना किसी तरीके से मानसिक प्रताड़ित किया जा रहा है. बात अब तो उनकी सुरक्षा तक पहुंच चुकी है.
अजय ने कहा कि अगर चुनाव के दौरान उन्हें किसी तरह की क्षति पहुंचती है तो इसके लिए मुख्यमंत्री समेत विधायक, पुलिस प्रशासन सीधे जिम्मेदार होंगे.

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