सुनील कश्यप, बस्तर- छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों का लिस्ट बीते दिनों जारी कर दिया था. लिस्ट जारी होने के बाद कई विधानसभा क्षेत्र में दावेदारों के समर्थकों के द्वारा विरोध करने की बात भी निकलकर सामने आ रही थी. छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के 12 विधानसभा सीटों में से एकमात्र जगदलपुर विधानसभा सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित है. वर्तमान में इस सीट पर कांग्रेस का कब्जा है. लेकिन इससे पहले इस सीट से दो बार के भाजपा के उम्मीदवार संतोष बाफना विधायक रहे. लेकिन साल 2018 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा. एक बार फिर से 2023 में होने वाले चुनाव के लिए उन्होंने अपनी दावेदारी प्रस्तुत की थी. लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने जगदलपुर से किरण देव को अपना उम्मीदवार बनाकर टिकट दिया. जिसके कारण संतोष बाफना के समर्थकों के चेहरे में मायूसी दिखी. बाफना ने कहा कि वे जगदलपुर विधानसभा सीट को छोड़कर कहीं भी पार्टी के आदेश पर काम करने को तैयार हैं.

आज बुधवार को पूर्व विधायक संतोष बाफना के निवास में सैकड़ो समर्थक पहुंचे और बाफना का नारा लगाने लगे. इतने में संतोष बाफना पहुंचे और अपने समर्थकों से मिले. संतोष बाफना ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वे अपने पारिवारिक काम से राजस्थान निकल रहे थे. उसी दौरान उनके समर्थक उनसे मिलने पहुंचे. जिनमें माताएं बहने भी शामिल हैं. जिन्हें देखकर उन्हें गर्व महसूस हुआ. भारतीय जनता का जो निर्णय था वो उन्होंने किया. मैं पार्टी का सिपाही हूँ. पार्टी ने मुझे बहुत सम्मान दिया है. इसीलिए मैं उनका आभारी हूँ. कुछ लोगों ने इससे पहले मेरी चरित्र हत्या करने की कोशिश की. उनको भी धन्यवाद देते हुए पार्टी का नेतृत्व करने की बात कही. और अपनी राजनीतिक सफर का अंतिम चरण होने की भी बात कही है. विधानसभा चुनाव के समय को देखते हुए पार्टी के काम को करूँगा. क्योंकि पार्टी के काम करने में कोई दिक्कत नहीं है. जगदलपुर विधानसभा को छोड़कर 89 विधानसभा में जहां पार्टी आदेश करे वहां पार्टी के लिए काम करने की बात कही है.

इसीलिए नहीं करेंगे जगदलपुर विधानसभा में काम-

संतोष बाफना ने कहा कि जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में वे इसीलिए काम नहीं करेंगे क्योंकि यदि काम करेंगे भी तो पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप लगेगा. क्योंकि इससे पहले के नगर निगम चुनाव में उनके विधायक रहते समय पार्टी के प्रत्याशियों ने पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया था. साथ ही बताया कि वे कभी पार्टी के खिलाफ नहीं गए. पार्टी के लिए वे और उनका परिवार 1968 से जनसंघी परिवार रहा है. और यह परिवार पार्टी के खिलाफ कभी नहीं सोचा. क्योंकि ऐसा करना उनके मानसिकता में नहीं है. ऐसा कभी सोच भी नहीं सकते. अभी वे अपने पारिवारिक दौरे पर राजस्थान के लिए निकले थे. और जैसे ही राजस्थान में उनका काम खत्म होगा वे वापस 8-10 दिन में लौटकर पार्टी के लिए 89 विधानसभा में कहीं भी काम करेंगे.

नाराजगी पर बोले बाफना-

टिकट वितरण को लेकर नाराजगी के सवाल पर बाफना ने कहा कि पार्टी के निर्णय से उन्हें कोई नाराजगी नहीं है. और क्यों नाराजगी रहेगा. पार्टी ने क्या छीन लिया मेरा, पार्टी ने कुछ नहीं छीना. पार्टी का जो निर्णय था वो उसने किया. साथ ही कहा कि पार्टी और किसी व्यक्ति से नाराजगी का कोई प्रश्न नहीं उठता है. जिसे जगदलपुर में उम्मीदवार बनाया गया है वह मेरा छोटा भाई है. मैन ही राजनीति में उन्हें बढ़ाया था. मैंने ही युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया था. मैंने ही जिला अध्यक्ष बनाया था. मेरी कोई नाराजगी नहीं है.

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