दंतेवाड़ा में छात्रावास अधीक्षकों का फूटा गुस्सा! 5 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल, 12 नवंबर से उग्र आंदोलन की चेतावनी…..

दंतेवाड़ा- छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में छात्रावास अधीक्षक संघ ने अपनी 5 सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल कर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया. संघ ने विभागीय सचिव मंत्रालय छत्तीसगढ़ शासन के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं के निराकरण की मांग की है. अधीक्षकों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर 12 नवंबर को आंदोलन तेज किया जाएगा.

संघ के सदस्यों ने कहा कि अधीक्षकों को ऑनलाइन उपस्थिति और पंजी अपलोड करने की प्रक्रिया से विरोध नहीं है, लेकिन इससे जुड़ी व्यावहारिक समस्याओं का समाधान जरूरी है. छात्रावासों में नेटवर्क और संसाधनों की कमी, विद्यार्थियों की 30 दिवसीय मेडिकल लीव तथा सामूहिक मेस व्यवस्था में बच्चों की अनुपस्थिति के बावजूद ईंधन खर्च में कटौती नहीं कर पाने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि 12 साल बीत जाने के बाद भी अधीक्षकों की सेवा शर्तें निर्धारित नहीं हो पाई हैं. अवकाश, कार्य अवधि और दायित्वों को लेकर स्पष्ट नियम नहीं होने से अधीक्षकों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है. छात्रावास में 24 घंटे उपलब्ध रहने की जिम्मेदारी के कारण उनका निजी जीवन भी प्रभावित हो रहा है. वहीं पदोन्नति की व्यवस्था नहीं होने से कई अधीक्षक पूरी सेवा अवधि एक ही पद पर बिताकर सेवानिवृत्त हो रहे हैं.

महिला अधीक्षकों के सामने भी बड़ी चुनौती……

महिला अधीक्षकों को छात्रावास में रहकर जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं. परिवार के साथ रहने की उचित व्यवस्था नहीं होने से बच्चों, पति और अन्य पारिवारिक दायित्वों का निर्वहन करना मुश्किल हो जाता है. इससे निजी और कार्यस्थल के जीवन के बीच संतुलन बनाना चुनौतीपूर्ण हो रहा है. उन्होंने मांग की कि छात्रावास परिसर में अधीक्षकों के लिए अलग आवास की व्यवस्था की जाए. आवास में सीसीटीवी कैमरे और पृथक प्रवेश द्वार की सुविधा हो, ताकि महिला अधीक्षक सुरक्षित माहौल में रहते हुए अपनी पारिवारिक और विभागीय जिम्मेदारियां निभा सकें.

ये हैं संघ की 5 प्रमुख मांगें….

1. अधीक्षकों की सेवा शर्तों का निर्धारण किया जाए।

2. अधीक्षक संवर्ग का कैडर पुनर्गठन किया जाए।

3. शिक्षक संवर्ग से आने वाले प्रभावी अधीक्षकों को VSK ऐप पर उपस्थिति दर्ज करने की अनिवार्यता से छूट दी जाए।

4. ऑनलाइन उपस्थिति व्यवस्था में सुधार किया जाए और मेस राशि में अनुचित कटौती पर रोक लगे।

5. छात्रावास संचालन के लिए पर्याप्त बजट और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

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