कांकेर- छत्तीसगढ़ के बस्तर में बीते 13 अक्टूबर से जारी पटवारियों की हड़ताल और तेज होती जा रही है. पूरे प्रदेश में पटवारी सरकार के खिलाफ लामबंद हो चुके हैं. पीवी ऐप को हटाने की मांग पटवारी कर रहे हैं. इसके अलावा वेतन विसंगति को दूर करने व पदोन्नति की भी मांग पटवारियों की तरफ से की जा रही है. उत्तर बस्तर कांकेर में पटवारियों ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध जताया. पिछले 23 दिनों से आंदोलन कर रहे बस्तर संभाग के पटवारियों ने बुधवार को कांकेर जिला मुख्यालय में संभाग स्तरीय प्रदर्शन किया.
पटवारियों ने मिलकर PV App की तकनीकी खामियां दूर करने, वेतन विसंगति का निराकरण और राजस्व निरीक्षक पद पर विभागीय पदोन्नति की मांग उठाई. आंदोलन के दौरान प्रदेश के 123 पटवारियों के निलंबन और स्थानांतरण की कार्रवाई को लेकर भी संघ ने नाराजगी जताई है. पटवारियों ने निलंबन, नोटिस और तबादले की कार्रवाई वापस लेने की मांग करते हुए मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन जारी रखने और आर-पार की लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है.
आंदोलन के बीच प्रदेश के 123 पटवारियों को निलंबित किए जाने से विवाद और गहरा गया है. पटवारी संघ ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए निलंबित और स्थानांतरित पटवारियों को राहत देने की मांग की है. संघ का आरोप है कि PV ऐप के जरिए कामकाज में आ रही व्यावहारिक परेशानियों को समझे बिना कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है.
इसी सिलसिले में राजस्व पटवारी संघ बस्तर संभाग ने संभाग आयुक्त के नाम जिला प्रशासन को 16 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा है. ज्ञापन में पदोन्नति प्रक्रिया जल्द पूरी करने, वेतन विसंगति दूर करने, PV App की निष्पक्ष जांच कराने और निलंबन, नोटिस व स्थानांतरण की कार्रवाई की समीक्षा कर उसे निरस्त करने की मांग रखी गई है.